राष्ट्रपति मुर्मू के साथ नाश्ते में दिखे सौगत राय, तृणमूल खेमे में सियासी सरगर्मी

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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के घोषित रुख के विपरीत जाकर वरिष्ठ सांसद सौगत राय के राष्ट्रपति के नाश्ते के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर पार्टी के भीतर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में तृणमूल का कोई अन्य सांसद शामिल नहीं हुआ, लेकिन दमदम से सांसद सौगत राय की उपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, इसी महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल दौरे पर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक आदिवासी सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार की व्यवस्था और आतिथ्य को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनके द्वारा नामित कोई कैबिनेट स्तर का मंत्री कार्यक्रम में मौजूद नहीं था। इस घटना के बाद से तृणमूल और राष्ट्रपति भवन के बीच संबंधों में ठंडापन आने की चर्चा शुरू हो गई थी।

इसी पृष्ठभूमि में 16 मार्च को राष्ट्रपति के नाश्ते के निमंत्रण को तृणमूल ने अस्वीकार करने का निर्णय लिया था। राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक नादिमुल हक ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर बताया था कि पवित्र रमजान माह में रोजा रखने के कारण वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि कार्यक्रम ईद के बाद आयोजित किया जाता तो बेहतर होता।

ऐसे माहौल में सौगत राय का राष्ट्रपति भवन पहुंचना और नाश्ते में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। नाश्ते के बाद उन्होंने राष्ट्रपति से शिष्टाचार मुलाकात की और फिर संसद की कार्यवाही में भी हिस्सा लिया।

इस मुद्दे पर सफाई देते हुए सौगत राय ने कहा, “मुझे निमंत्रण मिला था इसलिए मैं गया। पार्टी ने मुझे जाने के लिए कहा भी नहीं और मना भी नहीं किया।”

उनके इस कदम पर लोकसभा में तृणमूल की उपनेता शताब्दी राय ने कहा, “सौगत दा कई बार ऐसे फैसले लेते हैं जो पार्टी की लाइन से अलग होते हैं। इस मामले को ‘दीदी’ ही बेहतर समझ सकती हैं। वह उम्रदराज हैं और खाने के शौकीन भी हैं इसलिए शायद चले गए होंगे।”

हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति भवन के इस कार्यक्रम को लेकर सांसदों को कोई औपचारिक निर्देश दिया गया था। ऐसे में इसमें शामिल होना पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय माना जा सकता है और इसमें विवाद की कोई बात नहीं है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज टिग्गा ने आरोप लगाया कि सौगत राय पिछले कुछ समय से पार्टी के घोषित रुख से अलग रुख अपनाते रहे हैं।

इस सबके बीच तृणमूल ने सोमवार को राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगते हुए एक और पत्र भेजा है। इससे पहले भी पिछले सप्ताह दो पत्र भेजे गए थे, लेकिन अभी तक किसी का जवाब नहीं मिला है।

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