—बांग्लादेश से लड़कियों को लाकर वेश्यावृत्ति में धकेलने का आरोप, पत्नी मोना तिर्की के नाम की संपत्ति भी कार्रवाई के दायरे में
रांची, 23 अक्टूबर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वेश्यावृत्ति से जुड़े मामले में रांची निवासी माइकल जोसेफ तिर्की और उसकी पत्नी मोना तिर्की के नाम पर खरीदी गई करीब 3.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दंपती पर बांग्लादेश से लड़कियों को रांची लाकर उनके रहने की व्यवस्था करने और इसके बदले पैसे लेने का आरोप है। जब्त संपत्ति का कागजी मूल्य 3.60 करोड़ रुपये है, जबकि इसका बाजार मूल्य पांच करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।
2024 में ईडी ने दर्ज की थी जांच रिपोर्ट
ईडी ने वर्ष 2024 में बांग्लादेशी लड़कियों को कोलकाता से रांची लाने के मामले में जांच शुरू की थी। इसके लिए रांची के बरियातू थाने में दर्ज प्राथमिकी को आधार बनाया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, निपाह अख्तर खुशी नाम की एक बांग्लादेशी युवती को कथित तौर पर अवैध तरीके से भारत लाया गया था।
आरोप है कि मनीषा ने झूमा नाम की एक अन्य महिला की मदद से 31 मई 2024 की आधी रात को निपाह को जंगल के रास्ते सीमा पार कराई। उसे भारत में काम दिलाने का भरोसा देकर लाए जाने की बात कही गई है।
रांची पहुंचने के बाद रिसॉर्ट में रखा गया
जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, रांची लाने के बाद निपाह को बाली रिसॉर्ट में दो दिनों तक रखा गया। इसके बाद उसे एक अपार्टमेंट में ले जाया गया, जहां परवीन और झूमा नाम की दो अन्य बांग्लादेशी महिलाएं पहले से मौजूद थीं।
बताया जाता है कि 3 जून 2024 को मौका मिलने पर निपाह वहां से भाग निकली और पुलिस के पास पहुंची। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की, जिसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ी।
पश्चिम बंगाल में छापेमारी, कई गिरफ्तारियां
ईसीआईआर दर्ज करने के बाद ईडी ने मामले की जांच करते हुए पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी ने बंगाल में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक रॉनी मंडल और संदीप चौधरी को गिरफ्तार किया। इसके अलावा भारतीय नागरिक पिंटू हलधर और पिंकी बासू मुखर्जी की गिरफ्तारी भी की गई थी।
लड़कियों के रहने की व्यवस्था करने का आरोप
ईडी की जांच के मुताबिक, कथित तौर पर वेश्यावृत्ति के लिए बांग्लादेश से रांची लाई जाने वाली लड़कियों के रहने आदि की व्यवस्था माइकल जोसेफ तिर्की और उसकी पत्नी मोना तिर्की करते थे। आरोप है कि इस व्यवस्था के बदले उन्हें पैसे मिलते थे।
जांच एजेंसी ने कथित अवैध कमाई से जमीन और मकान खरीदे जाने का पता चलने के बाद संबंधित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की। ईडी की कार्रवाई का उद्देश्य मामले में अपराध से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त करना है।
ईडी की जांच जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्णय होगा।






