यूपी दिवस मंच से अमित शाह का सियासी वार, भाजपा को फिर मौका देने की अपील

Share

लखनऊ। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के बसंत कुंज योजना स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का भव्य शुभारम्भ किया। इस अवसर पर अमित शाह ने विपक्ष को परिवारवादी पार्टी कहते हुए उप्र की जनता से 2027 में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनाने की अपील की।

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं उप्र वासियों का अभिनंदन करता हूं और हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को आज हम दोहराएंगे कि 2047 में जब हम आजादी मना रहे होंगे तो भारत विकसित होगा। विकसित भारत का इंजन उत्तर प्रदेश बनने जा रहा है। हमारी उप्र की सरकार ने इस स्थल(राष्ट्र प्रेरणा स्थल) को कूड़े के ढेर से बदलकर कंचन बनाने का कार्य किया है।

अमित शाह ने योगी सरकार के कार्यों की सरहारना करते हुए कहा कि उप्र सरकार युवाओं को नौकरी देने और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। युवाओं को ऋण दिया गया है। आज यहां व्यंजन मेला लगा है। हम 2017 को याद करना चाहेंगे। जब एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) की बात की गयी तो विपक्ष ने सवाल उठाए कि यह कैसे हो सकता है। आज हमारी डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में ओडीओपी योजना पूरे देश में अपने-अपने जिले को नई पहचान दे रही है। रोजगार दे रही है। एक जिला एक व्यंजन योजना के लिए योगी सरकार को शुभकामनाएं देता हूं।

गृहमंत्री ने कहा कि एक समय में उप्र को मजदूर सप्लाई करने वाला राज्य माना जाता था। बीमारू राज्य के रूप पहचान थी। पिछले तीन वर्षों से उप्र की 17 फीसदी विकास दर रही है। केन्द्र की सारी योजनाएं आज उप्र में धरातल पर उतर रही हैं। पूरा देश जिनकी राह देख रहा था, अयोध्या में राम मंदिर बनाने का वह कार्य भी पूरा हुआ। प्रयागराज में महाकुंभ ने सनातन धर्म पूरी दुनिया में पहुंचाने का कार्य किया है। उप्र में डेटा सेंटर, सेमी कंडक्टर की फैक्टरियां लगी हैं। 2017 से पहले कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। 45 लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव आए। 15 लाख करोड़ के प्रस्तावों को जमीन पर उतारा जा चुका है। आज उप्र विकास के हर रास्ते पर आगे बढ़ गया है। कानून व्यवस्था कायम है।

शाह ने कहा कि 2014, 2019 और 2022 के चुनाव में उप्र की जनता ने जिताया है। अगले साल चुनाव है। हम अपील करते हैं कि 2027 में उप्र की जनता प्रचंड बहुमत की सरकार बनाए। ये परिवारवादी पार्टिंया राज्य का भला नहीं कर सकती हैं। वे अपना विकास करती हैं। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने उप्र को विकास से जोड़ा है। हर गांव में कम से कम 20 घंटा बिजली पहुंच रही है। आने वाले चुनाव में जाति पांति से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों के खिलाफ सबका साथ सबका विकास करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार पुन: बनाएं।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार की ओडीओपी की तर्ज पर एक जिला एक व्यंजन योजना की भी शुरुआत हुई। साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक क्षेत्र योजना का शुभारम्भ किया गया।

पांच विभूतियों को मिला उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान

इस अवसर पर अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर उत्तर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली पांच विशिष्ट विभूतियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ से सम्मानित किया गया।

गौरव सम्मान 2025-26 से सम्मानित होने वालों में राजधानी लखनऊ निवासी अंतरिक्ष यात्री एवं भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला शामिल हैं। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले प्रयागराज निवासी अलख पांडेय को उप्र गौरव सम्मान से सम्मानित हुए। अलख पांडेय ने वर्ष 2016 में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘फिजिक्स वाला’ यूट्यूब चैनल की शुरुआत की।

साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बुलंदशहर के बुटना गांव में जन्मे डॉ. हरिओम पंवार इस वर्ष उप्र गौरव सम्मान प्राप्त किया। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मेरठ के नारंगपुर में 22 अक्टूबर 2007 को श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल की स्थापना करने वाली रश्मि आर्य को गौरव सम्मान प्रदान किया गया। उनका गुरुकुल वैदिक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का सुंदर समन्वय है।

कृषि क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए वाराणसी निवासी डॉ. सुधांशु सिंह को उप्र गौरव सम्मान मिला है। उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या से स्वर्ण पदक के साथ कृषि में स्नातक किया तथा फिलीपींस के आईआरआरआई से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।

उत्तर प्रदेश को पहले ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ (संयुक्त प्रांत) के नाम से जाना जाता था। इसे 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश के रूप में मान्यता मिली।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल समेत अन्य नेता गण मौजूद रहे। इसके साथ ही उप्र के हर जिले में उप्र दिवस मनाया जा रहा है। तीन दिनों तक आयोजन होंगे। देश के सभी राज्यों और अन्य देशों में भी इस बार उप्र दिवस मनाया जा रहा है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728