मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में बड़ा फैसला, मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड; बेटियों की देखभाल की गुहार लगाती रही मुस्कान

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—अभियोजन पक्ष ने की थी मृत्युदंड की मांग

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे नीला ड्रम केस के नाम से जाना जाता है, में जिला अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनते ही दोनों दोषी भावुक होकर रो पड़े। मुस्कान ने अदालत से अपनी दोनों बेटियों की देखभाल करने की गुहार लगाई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी

बुधवार को मुस्कान और साहिल को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों ने अदालत से कम से कम सजा देने की अपील की।

मुस्कान ने अपनी दोनों बेटियों के भविष्य का हवाला देते हुए उनकी देखभाल की गुहार लगाई। वहीं, साहिल ने भी अदालत से नरमी बरतने की अपील की। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। जेल प्रशासन के अनुसार, फैसला सुनने के बाद दोनों भावुक हो गए और रोने लगे।

अभियोजन पक्ष ने की थी फांसी की मांग

सरकारी वकील ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष ने मुस्कान की बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कम सजा देने की अपील की।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या की थी। इसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपा दिए गए थे। शव को छिपाने के लिए सीमेंट का भी इस्तेमाल किया गया था।

मार्च 2025 में नीले ड्रम से बरामद हुआ था शव

जानकारी के अनुसार, सौरभ राजपूत फरवरी 2025 में लंदन से मेरठ लौटा था। पुलिस जांच के मुताबिक, मार्च 2025 की शुरुआत में उसकी हत्या कर दी गई थी।

18 मार्च को सौरभ के भाई ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान घर में रखे नीले ड्रम से सौरभ का शव बरामद हुआ। पुलिस ने मामले में मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

मोबाइल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज बने अहम सबूत

मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था। पुलिस ने जांच के दौरान मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, होटल के रिकॉर्ड और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित विभिन्न साक्ष्य जुटाए।

पुलिस ने 12 मई 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को जिला अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।

नीले ड्रम में शव छिपाए जाने के कारण यह हत्याकांड देशभर में चर्चा का विषय बना था। अदालत के फैसले के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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