पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना स्थित देवीपद शहीद स्मारक (मिलर) उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों को इसे राज्य के एक आदर्श (मॉडल) विद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद देवीपद चौधरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
मुख्यमंत्री को विद्यालय में स्थापित स्मार्ट स्टीम (STEAM), रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लैब की गतिविधियों एवं उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
छात्रों और शिक्षकों से की बातचीत
मुख्यमंत्री कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय की व्यवस्थाओं के बारे में बातचीत की। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाने के लिए सुझाव भी मांगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासन सभी की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
आधुनिक सुविधाओं के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण, पुस्तकालय का विस्तार, खेल सुविधाओं का उन्नयन और परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने विद्यालय के समग्र विकास के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसका शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
शाम को चलेंगे विशेष अध्ययन कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिया कि प्रतिदिन शाम 5 बजे से 8 बजे तक विशेष अध्ययन एवं शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
इसके साथ ही उन्होंने मिलर स्कूल मैदान में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित वातावरण में अध्ययन और खेल गतिविधियों में भाग ले सकें।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों, तकनीकी सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण की उपलब्धता से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी और वे भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।






