नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र से पहले महिला आरक्षण कानून और संसदीय सीटों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे पर इंडी गठबंधन के नेताओं ने अहम बैठक की। यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया।
कई बड़े नेता हुए शामिल
बैठक में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कपिल सिब्बल समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
महिला आरक्षण के क्रियान्वयन पर जोर
शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून ऐतिहासिक था, लेकिन इसे लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनगणना और परिसीमन का इंतजार किए बिना इसे लागू करने की वकालत की।
सीट बढ़ोतरी पर भी चर्चा
भारतीय राष्ट्र समिति के के.टी. रामाराव ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना आवश्यक नहीं है और इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सीटों में वृद्धि के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।
सरकार पर विपक्ष के आरोप
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं को पर्याप्त आर्थिक सहयोग नहीं दिया जा रहा, जबकि कांग्रेस शासित राज्यों में पहले से ही कई योजनाएं लागू हैं।
लागू करने के तरीके पर बहस
समाजवादी पार्टी की नेता जूही सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है और अब मुख्य सवाल इसके क्रियान्वयन के तरीके को लेकर है।
बैठक में विपक्षी दलों ने आगामी संसद सत्र के लिए साझा रणनीति बनाने पर जोर दिया, ताकि महिला आरक्षण और सीट बढ़ोतरी जैसे अहम मुद्दों पर प्रभावी तरीके से अपनी बात रखी जा सके।






