पटना: बिहार की राजनीति इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार के बाद राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी। इस बीच भाजपा सांसद और भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी के ताजा बयान ने सियासी हलचल और तेज कर दी है।
10 अप्रैल पर टिकी निगाहें
दिल्ली से बिहार दौरे पर पहुंचे मनोज तिवारी ने संकेत दिया कि फिलहाल मुख्यमंत्री के नाम पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन 10 अप्रैल तक तस्वीर साफ हो सकती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि इसी तारीख के आसपास नया मुख्यमंत्री घोषित किया जा सकता है।
राज्यसभा के बाद बदले समीकरण
नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद 30 मार्च को अपनी विधान परिषद (MLC) सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अब वे राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसके बाद वे मुख्यमंत्री पद भी छोड़ सकते हैं, जिससे बिहार में सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो सकता है।
NDA के हाथ में फैसला
सूत्रों के मुताबिक, नए मुख्यमंत्री का चयन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। इसमें भाजपा और जेडीयू दोनों की सहमति अहम होगी, ताकि गठबंधन का संतुलन बना रहे।
भाजपा से CM बनने की चर्चा
सियासी चर्चाओं में यह बात जोर पकड़ रही है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। संभावित नामों में:
- सम्राट चौधरी (डिप्टी CM)
- नित्यानंद राय
- विजय सिन्हा
- दिलीप जायसवाल
- मंगल पांडेय
इन नामों पर चर्चा तेज है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
नया चेहरा या अनुभवी नेता?
भाजपा पहले भी कई राज्यों में नए चेहरों को मुख्यमंत्री बनाकर चौंका चुकी है। लेकिन बिहार में जातीय और राजनीतिक समीकरण काफी जटिल हैं, इसलिए यहां अनुभवी और संतुलित चेहरे को प्राथमिकता मिलने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।
नीतीश की भूमिका रहेगी अहम
जेडीयू नेताओं का मानना है कि नए मुख्यमंत्री के चयन में नीतीश कुमार की सहमति बेहद महत्वपूर्ण होगी। गठबंधन राजनीति को देखते हुए यह फैसला केवल भाजपा का नहीं, बल्कि सामूहिक रणनीति का हिस्सा होगा।
क्या 10 अप्रैल को होगा ऐलान?
अब सबकी निगाहें 10 अप्रैल पर टिकी हैं। अगर उस दिन कोई बड़ा ऐलान होता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। फिलहाल सस्पेंस बरकरार है, लेकिन संकेत साफ हैं कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।





