पटना। एग्री स्टैक अभियान के अंतर्गत बिहार में चल रहे किसान पंजीकरण कार्य को गति देने के उद्देश्य से तृतीय चरण के विशेष अभियान की अवधि बढ़ा दी गई है। पहले यह अभियान 02 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक निर्धारित था, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे विस्तारित करते हुए 11 फरवरी 2026 तक संचालित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और कृषि विभाग ने सभी जिला पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल तथा कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि अब तक राज्य में लगभग 43 प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। केंद्र सरकार से एससीए (स्टेट कॉम्पोनेंट एग्री स्टैक) योजना की द्वितीय किस्त प्राप्त करने के लिए राज्य में कम-से-कम 50 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करना अनिवार्य है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अभियान की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
निर्देशों के अनुसार, सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को विस्तारित तिथि की जानकारी समय पर दी जाएगी। साथ ही, पंजीकरण कैम्पों की तिथि और स्थान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान कैम्पों में पहुंच सकें। कैम्पों में किसानों का ई-केवाईसी सत्यापन, बकेट क्लेम की प्रक्रिया पूर्ण करने और फार्मर आईडी तैयार कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में संलग्न सभी अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से अभियान में भाग लें, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और किसी भी पात्र किसान को वंचित न रहना पड़े।
इस अभियान के तहत मुजफ्फरपुर जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। तृतीय चरण के दौरान यहां 6,522 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की गई, जिसके साथ ही मुजफ्फरपुर ने राज्य स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है। अब तक जिले में कुल 2,17,021 किसानों का निबंधन पूरा हो चुका है, जिनमें से 1,24,019 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हुए हैं।
इस संबंध में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एग्री स्टैक अभियान के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ दिलाने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि बिहार का कोई भी किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से तृतीय चरण के विशेष अभियान की अवधि 11 फरवरी तक बढ़ाई गई है।





