बिहार सरकार ने राज्य की करीब एक करोड़ जीविका दीदियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत 15 अप्रैल से पूरे राज्य में ‘बीमा सुरक्षा उत्सव’ अभियान शुरू किया जाएगा, जो 31 मई तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य हर ग्राम पंचायत तक पहुंचकर महिलाओं को बीमा योजना से जोड़ना है।
शत-प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य
राज्य में फिलहाल लगभग 72 लाख जीविका दीदियां पहले से बीमा योजना से जुड़ी हैं, जबकि करीब 28 लाख महिलाएं अब भी इससे वंचित हैं। सरकार का लक्ष्य इस अभियान के जरिए सभी दीदियों को बीमा कवर के दायरे में लाना है। इसके लिए प्रशिक्षित जीविका कर्मी घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएंगे और आवेदन प्रक्रिया में मदद करेंगे।
मौत पर 2 से 4 लाख तक का लाभ
इस योजना के तहत बीमित महिला की प्राकृतिक मृत्यु होने पर उनके परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को कुल 4 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिलेगा।
दो योजनाओं के तहत मिलेगा सुरक्षा कवच
इस पहल को दो प्रमुख बीमा योजनाओं के माध्यम से लागू किया जाएगा—
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: 18 से 50 वर्ष की महिलाओं के लिए, जिसमें सालाना 436 रुपये प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का कवर मिलेगा।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 18 से 70 वर्ष तक की महिलाओं के लिए, जिसमें मात्र 20 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा।
दोनों योजनाओं का लाभ मिलने पर दुर्घटना की स्थिति में कुल 4 लाख रुपये तक की राशि परिवार को मिल सकेगी।
पतियों को भी जोड़ा जाएगा
अभियान के दौरान जीविका दीदियों को अपने पतियों का भी बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि पूरे परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। विभाग का मानना है कि इससे ग्रामीण परिवार अचानक आने वाले संकट से बेहतर तरीके से उबर सकेंगे।
1 जून से होगा प्रभावी
यह बीमा कवर 1 जून से प्रभावी होगा और अगले एक साल तक लाभार्थियों को सुरक्षा प्रदान करेगा। पिछले वर्षों में करीब 10 हजार परिवार इस तरह की योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हैं, और अब सरकार इसे हर घर तक पहुंचाने की तैयारी में है।
बिहार सरकार की यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उनके सामाजिक सुरक्षा ढांचे को भी मजबूत करेगी, जिससे ग्रामीण परिवारों को संकट के समय बड़ा सहारा मिलेगा।






