“फटकार आधारित शासन” से राज्य नहीं चलेगा : प्रतुल शाहदेव

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रांची। झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शासन व्यवस्था बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुकी है।

मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार अपने संवैधानिक दायित्वों का स्वयं निर्वहन नहीं कर रही, बल्कि न्यायालयों की फटकार के बाद ही सक्रिय होती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार “फटकार आधारित शासन” चला रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई अहम फैसले लंबे समय तक टाले गए और केवल अदालतों के हस्तक्षेप के बाद ही उन पर कार्रवाई की गई। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव वर्षों तक लंबित रहे, लेकिन झारखंड उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद ही चुनाव कराए गए। इसी तरह पंचायत सचिव अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी लंबे समय तक अटकी रही, जिसे उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद पूरा किया गया।

प्रतुल शाहदेव ने आगे कहा कि सूचना आयुक्तों और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों को भरने में भी सरकार विफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ही चयन समिति की बैठक की तिथि तय की गई। वहीं, थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसी जरूरी व्यवस्था भी अदालत के आदेश के बाद ही शुरू की गई।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नियुक्तियों, प्रशासनिक फैसलों और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई मामलों में न्यायालय को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा है, जो यह दर्शाता है कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है और केवल दबाव में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक सरकार से अपेक्षा होती है कि वह जनता के प्रति जवाबदेह हो और समय पर निर्णय ले, लेकिन झारखंड में सरकार की जवाबदेही न्यायालय की फटकार तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने मांग की कि हेमंत सोरेन सरकार न्यायालय के आदेशों का इंतजार करने के बजाय स्वयं पहल कर राज्यहित में निर्णय ले, अन्यथा यह सरकार निष्क्रिय और दिशाहीन साबित होगी।

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