–देवेंद्र नाथ महतो ने लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को सौंपा ज्ञापन, 41 साल पुरानी यूनिट बंद होने से ग्रामीण विद्यार्थियों को हो रही परेशानी
रांची। बुंडू स्थित पीपीके कॉलेज की 7/3 एनसीसी यूनिट को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। लोक भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों के हित में जल्द कार्रवाई करने की मांग की। महतो के अनुसार, राज्यपाल ने मामले पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग और विश्वविद्यालय को पत्र लिखने का आश्वासन दिया है।
41 वर्षों से संचालित थी एनसीसी यूनिट
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि पीपीके कॉलेज में एनसीसी यूनिट पिछले 41 वर्षों से संचालित हो रही थी। इसके बंद होने से बुंडू, तमाड़, सिल्ली, राहे और सोनाहातू समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के अवसर भी प्रदान करती है। ऐसे में यूनिट का बंद होना ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए नुकसानदायक है।
कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
महतो ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही के कारण एनसीसी यूनिट बंद हुई है। उन्होंने राज्यपाल से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इस मामले में विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि कॉलेज में एनसीसी की गतिविधियां फिर से शुरू हो सकें।
राज्यपाल ने संबंधित विभाग को पत्र लिखने का दिया आश्वासन
देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनकी मांग पर संज्ञान लिया और संबंधित विभाग तथा विश्वविद्यालय को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। अब विद्यार्थियों और क्षेत्र के लोगों की नजर इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर है।
एनसीसी यूनिट की बहाली तक जारी रहेंगे प्रयास
देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीपीके कॉलेज में एनसीसी यूनिट को दोबारा शुरू कराने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों के हित में जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।






