नई दिल्ली, 08 अप्रैल। भारत ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच घोषित युद्धविराम का स्वागत किया है और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होने की उम्मीद जताई है।
कूटनीति और संवाद पर जोर
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत युद्धविराम का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि यह कदम क्षेत्र में स्थिरता लाएगा। मंत्रालय ने दोहराया कि मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति बेहद जरूरी है।
संघर्ष से वैश्विक असर
बयान में कहा गया है कि इस संघर्ष ने लोगों को भारी पीड़ा पहुंचाई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क को प्रभावित किया है। भारत ने उम्मीद जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य से नौवहन और वैश्विक व्यापार निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
युद्धविराम पर बनी सहमति
जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने युद्धविराम पर सहमति जताई है और मध्यस्थ देशों के प्रयासों के बाद ईरान के साथ बातचीत की तैयारी की जा रही है।
पहले भी जताई थी चिंता
गौरतलब है कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ गया था। भारत ने पहले भी शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की थी।






