—21 अक्टूबर तक चलेगा महोत्सव, पिछले 20 वर्षों के विकास कार्यों पर भी लगाई गई प्रदर्शनी
पटना, 11 अक्टूबर। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रविवार को 71वें श्री रामलीला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने महोत्सव और पिछले 20 वर्षों में हुए विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की ओर से आयोजित यह महोत्सव 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने की जरूरत : नीतीश कुमार
उद्घाटन के अवसर पर नीतीश कुमार ने कहा कि श्रीराम भारतीय संस्कृति के पर्याय हैं। आज आवश्यकता केवल उनका नाम लेने की नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की भी है। उन्होंने आयोजन समिति को महोत्सव के आयोजन के लिए बधाई दी।
नीतीश कुमार ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन और आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिलता है। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने की दिशा में यह एक प्रशंसनीय पहल है।
विकास कार्यों और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है प्रदर्शनी
नीतीश कुमार ने कहा कि पिछले दो दशकों में बिहार की पहचान सुशासन और विकास कार्यों के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को नई भव्यता मिलने से भी बनी है। उन्होंने कहा कि श्री रामलीला महोत्सव जैसी जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं ने बिहार की पहचान को और सशक्त बनाया है।
महोत्सव के साथ आयोजित प्रदर्शनी में पिछले 20 वर्षों के विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में हुए कार्यों और बदलावों को लोगों के सामने प्रस्तुत करना है।
दशहरा कमिटी ट्रस्ट ने जताया आभार
श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट ने नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि नीतीश कुमार ने बिहार को नई ऊंचाई और पहचान देने का काम किया है। उनके हाथों महोत्सव और प्रदर्शनी का उद्घाटन होना समिति के लिए गौरव की बात है।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय गांधी, दशहरा कमिटी ट्रस्ट के चेयरमैन कमल नोपानी, अध्यक्ष अरुण कुमार, महासचिव प्रिंस कुमार राजू, कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार, संयोजक मुकेश नंदन और सुषमा साहू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।






