पटना। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया क्षेत्र में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और मझौलिया चीनी मिल से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े करते हुए इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला बताया।
स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि मझौलिया चीनी मिल से लगातार प्रदूषित अपशिष्ट जल खुले में छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास के गांवों और रिहायशी इलाकों में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दूषित पानी के कारण क्षेत्र में त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियां और अन्य संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं, जिससे आम लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह समस्या केवल पर्यावरण प्रदूषण तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा सवाल है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। स्थानीय लोग लंबे समय से शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे जनता में गहरा आक्रोश और निराशा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। जन सुराज के सूत्रधार ने प्रशासन से मांग की कि चीनी मिल से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उचित शोधन (ट्रीटमेंट) की तत्काल व्यवस्था की जाए, साथ ही प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए, जिससे कि बीमारियों पर काबू पाया जा सके।
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जन सुराज अभियान का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर की समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान के लिए दबाव बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मझौलिया की इस गंभीर समस्या को वे जिला और राज्य स्तर पर मजबूती से उठाएंगे, जिससे कि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।





