झारखंड में मनरेगा कर्मियों का बड़ा ऐलान, 1 जून से राज्यव्यापी जनआंदोलन, मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता की मांग

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–विभागीय अधिकारियों से बातचीत से किया इनकार

रांची: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया है। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी विभागीय अधिकारी के साथ वार्ता नहीं होगी और आगे केवल मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ही बातचीत की जाएगी।

12 मार्च से जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल

संघ के मुताबिक ग्रेड पे आधारित मानदेय, स्थायी समायोजन और सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर राज्यभर के मनरेगा कर्मी 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

आंदोलन के दौरान 13 और 14 मई को मनरेगा आयुक्त के साथ तथा 25 मई को ग्रामीण विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में विस्तृत वार्ता हुई थी। इससे पहले 21 मई को संघ प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण विकास मंत्री से भी मुलाकात की थी।

चार मांगों पर बनी थी सैद्धांतिक सहमति

संघ का दावा है कि वार्ता के दौरान चार प्रमुख मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। इनमें:

  • ग्रेड पे आधारित मानदेय लागू करना
  • हड़ताल अवधि का मानदेय देना
  • मृत कर्मियों के आश्रितों को नियुक्ति में वरीयता
  • मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ना

जैसी मांगें शामिल थीं।

विभाग पर लगाया शब्दजाल और भ्रम फैलाने का आरोप

संघ ने आरोप लगाया कि बाद में तैयार किए गए सहमति पत्र के मसौदे में “लिपिकीय चतुराई” और “कुटिल शब्दजाल” का इस्तेमाल कर बिंदुओं को जानबूझकर अस्पष्ट बनाया गया।

संघ नेताओं का कहना है कि विभाग की मंशा समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि किसी तरह हड़ताल समाप्त कराना था।

पुराने समझौते के लागू नहीं होने से नाराजगी

संघ ने कहा कि वर्ष 2024 के आंदोलन के बाद हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया है। इसी वजह से मनरेगा कर्मियों का विभागीय आश्वासनों पर भरोसा टूट चुका है।

“नो वर्क नो पे” की चेतावनी पर तीखी प्रतिक्रिया

25 मई की वार्ता विफल होने के बाद विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था, “नो वर्क नो पे” और कठोर कार्रवाई की चेतावनी वाले पत्र जारी किए गए थे।

इस पर संघ ने कहा कि ऐसे पत्रों से मनरेगा कर्मी डरने वाले नहीं हैं, बल्कि इससे आंदोलन और मजबूत हुआ है।

1 जून से महाधरना और आक्रोश मार्च

संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि अब प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

इसके तहत:

  • राज्य के सभी जिलों में प्रतिदिन धरना दिया जाएगा
  • 1 जून से ग्रामीण विकास मंत्री के महागामा विधानसभा क्षेत्र स्थित आवास पर पांच दिवसीय महाधरना होगा
  • रांची में पुराना विधानसभा से प्रोजेक्ट भवन तक पदयात्रा सह आक्रोश मार्च निकाला जाएगा

इसके बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी।

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