—‘वोट चोर, चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारों के साथ निकला पैदल मार्च, आयोजकों ने 50 हजार लोगों के शामिल होने का किया दावा; एसआईआर रद्द करने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग
मंत्री आवास से शुरू हुआ मार्च
जामताड़ा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के नेतृत्व में मंगलवार, 13 अक्टूबर को जामताड़ा में कांग्रेस ने जन आक्रोश पैदल मार्च निकाला। ‘वोट चोर, चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारों के साथ निकले इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। आयोजकों ने मार्च में करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई गई।
मार्च की शुरुआत जामताड़ा स्थित मंत्री आवास से हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी इंदिरा चौक, बीच बाजार और सुभाष चौक होते हुए महिला कॉलेज पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के बीच निकले मार्च के कारण शहर के कुछ हिस्सों में यातायात भी प्रभावित हुआ।
एसआईआर में कथित गड़बड़ियों पर जताया विरोध
कांग्रेस ने यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर आयोजित किया था। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्री ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग करते हुए कहा कि दस्तावेज जुटाने में आने वाली कठिनाइयों का असर गरीब और वंचित तबकों के पात्र मतदाताओं पर पड़ सकता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से एसआईआर को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
मार्च के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इरफान अंसारी ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं का समाधान करने की मांग की, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा बना रहे।
मंत्री ने बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र का उल्लेख करते हुए भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया से राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने झारखंड के लोगों से अपने मताधिकार के प्रति सजग रहने की अपील की।
केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार पर विपक्ष और प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को परेशान किया जा रहा है और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने में बाधाएं पैदा की जा रही हैं।
मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मताधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर अपना आंदोलन जारी रखेगी।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के अभियान का किया जिक्र
इरफान अंसारी ने दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में हुए विरोध मार्च का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, जामताड़ा में आयोजित कार्यक्रम इसी व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा है।
कार्यक्रम के समापन पर मंत्री ने जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन को दर्शाती है।
कांग्रेस ने इस मार्च को मताधिकार की सुरक्षा और एसआईआर के मुद्दे पर जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे इन मुद्दों पर आगे भी विरोध दर्ज कराते रहेंगे।






