जमशेदपुर में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर; डैम-बैराज के कई गेट खोले गए

Share

पूर्वी सिंहभूम, 31 अगस्त। जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के बीच एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खरकई नदी आदित्यपुर ब्रिज के पास खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। शास्त्रीनगर, कदमा, बागबेड़ा नया बस्ती, बड़ौदा घाट, जुगसलाई और भुइयांडीह जैसे निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। लगातार बारिश और ऊपरी जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण प्रशासन अलर्ट मोड में है।

खरकई नदी खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर ऊपर

सुवर्णरेखा भवन, आदित्यपुर स्थित फ्लड सेल की सोमवार सुबह आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार, आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी का जलस्तर 129.03 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 129 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 0.03 मीटर ऊपर बह रही है।

लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।

सुवर्णरेखा फिलहाल खतरे के निशान से नीचे

मानगो ब्रिज के पास सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 119.70 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है। फिलहाल सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन ऊपरी जलाशयों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ब्यांगबिल और खरकई डैम से छोड़ा जा रहा पानी

रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा में 76 मिलीमीटर बारिश के बाद ब्यांगबिल डैम से 84.72 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, 72 मिलीमीटर बारिश के बाद खरकई डैम से 55.18 क्यूमेक्स पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।

ऊपरी क्षेत्रों से लगातार पानी आने के कारण खरकई नदी के जलस्तर पर दबाव बढ़ रहा है।

गांजिया बराज के सभी आठ गेट खुले

गांजिया बराज की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। सुबह आठ बजे यहां जलस्तर 135 मीटर दर्ज किया गया और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दबाव को देखते हुए बराज के सभी आठ गेट खोल दिए गए हैं। करीब 1186.54 क्यूमेक्स पानी खरकई नदी में छोड़ा जा रहा है।

चांडिल डैम से 744.57 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा

चांडिल डैम का जलस्तर सोमवार सुबह आठ बजे 179.19 मीटर दर्ज किया गया। डैम के 13 रेडियल गेट और स्लुइस के जरिए नदी एवं नहर में कुल 744.57 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।

गालूडीह बैराज के छह स्पिलवे गेट खुले

गालूडीह बैराज से भी सुवर्णरेखा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज के छह स्पिलवे गेट खोल दिए गए हैं और 1633.36 क्यूमेक्स पानी सुवर्णरेखा नदी में डिस्चार्ज किया जा रहा है। फिलहाल बैराज से नहरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद रखी गई है।

प्रशासन और राहत-बचाव दल अलर्ट

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और राहत-बचाव दल को अलर्ट मोड में रखा गया है। निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031