—9 से 12 नवंबर तक प्रमुख ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल, यात्रियों के सामने तत्काल टिकट और सड़क मार्ग का विकल्प
रांची। छठ महापर्व और दुर्गा पूजा के दौरान घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। धनबाद से बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में 9 से 12 नवंबर तक सीटें लगभग फुल हो चुकी हैं। वहीं, रांची से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को भी कन्फर्म टिकट के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग का असर हवाई और बस किराये पर भी दिखाई देने लगा है।
छठ के लिए बिहार जाने वाली ट्रेनों में बढ़ी मांग
छठ महापर्व 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को पहला अर्घ्य और 16 नवंबर को दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा। इस दौरान धनबाद से बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ बिहार स्थित अपने घरों के लिए रवाना होते हैं।
गंगा-दामोदर, वनांचल और मौर्य एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण सीटों की उपलब्धता कम हो गई है। हालांकि, धनबाद-पटना और पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में 9 नवंबर को कुछ सीटें उपलब्ध होने की जानकारी है।
तत्काल टिकट और सड़क मार्ग का विकल्प
कन्फर्म टिकट नहीं मिलने की स्थिति में यात्रियों के पास तत्काल टिकट, संभावित विशेष ट्रेनों और सड़क मार्ग से यात्रा करने का विकल्प है। पटना जाने वाले यात्रियों के लिए नवादा-बख्तियारपुर मार्ग, जबकि आरा जाने वालों के लिए औरंगाबाद-सहार मार्ग सुझाया गया है।
बस संचालकों के अनुसार, छठ के दौरान बस किराये में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। ऐसे में ट्रेन में टिकट नहीं मिलने पर यात्री सड़क मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंचने की योजना बना सकते हैं।
रांची-कोलकाता हवाई किराया 8 हजार रुपये तक
दूसरी ओर, रांची से कोलकाता जाने वाले यात्रियों को भी त्योहारों के दौरान महंगे सफर का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर हवाई किराया सामान्य तौर पर करीब 4,000 रुपये से बढ़कर 8,000 रुपये तक पहुंच गया है। बसों के ऑनलाइन टिकट का किराया भी सामान्य दरों से अधिक बताया जा रहा है।
हालांकि, यात्रियों के लिए कुछ राहत की संभावना है। पूजा स्पेशल ट्रेन संख्या 08612 और इंटरसिटी एक्सप्रेस संख्या 18628 में कुछ तारीखों पर सीटें उपलब्ध होने की जानकारी है। यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुक करने से पहले संबंधित तारीख की उपलब्धता और किराये की पुष्टि कर लें।






