—युवाओं को पढ़ाई और करियर पर ध्यान देने की मनोज तिवारी की सलाह
गिरिडीह, 12 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने देश के युवाओं से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सकारात्मक योगदान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज में फैल रही भ्रांतियों से दूर रहकर पढ़ाई-लिखाई और अपने करियर निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मनोज तिवारी सोमवार को गिरिडीह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य कहीं भी धरना-प्रदर्शन कर सकता है। प्रशासन की अनुमति लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
हालांकि, उन्होंने युवाओं से देश में अराजकता फैलाने वाले कथित भ्रामक प्रचार से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को किसी भी तरह की भ्रांति में पड़ने के बजाय अपनी शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
छात्रों के प्रदर्शन में कथित मारपीट का किया जिक्र
मनोज तिवारी ने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी घटनाओं की जानकारी मिली है, जिनमें प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रांति से प्रभावित होने के बजाय पढ़ाई-लिखाई और करियर निर्माण पर ध्यान दें, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान दे सकें।
गिरिडीह उपचुनाव में टिकट के दावेदारों पर क्या बोले?
गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में संभावित उपचुनाव और भाजपा के उम्मीदवार को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद ने कहा कि पार्टी में करोड़ों कार्यकर्ता हैं। ऐसे में टिकट के लिए कई दावेदारों का होना और प्रयास करना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि पार्टी जिसे उम्मीदवार बनाती है, उसके साथ संगठन और कार्यकर्ता खड़े रहते हैं।
सौंदर्य शर्मा के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना
इससे पहले मनोज तिवारी और अभिनेत्री सौंदर्य शर्मा गिरिडीह पहुंचे। दोनों ने विनोद सिन्हा के आवास पर शारदीय नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मनोज तिवारी ने युवाओं से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में योगदान देने का आह्वान किया।






