लखनऊ, 26 अगस्त। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रदेश सरकार की ओर से अगले छह माह में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम देर से उठाया गया है और प्रथम दृष्टया चुनावी कदम अधिक लगता है। उन्होंने कहा कि यदि नियुक्तियां पेपरलीक और भ्रष्टाचार से मुक्त होकर समय पर पूरी होती हैं, तभी इसका वास्तविक लाभ युवाओं को मिलेगा।
आरक्षित बैकलॉग पदों पर भर्ती की मांग
मायावती ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षित पदों के बैकलॉग पर भर्ती को लेकर भी लोग सरकार की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों को लेकर आंदोलन कर रहे 6,800 अभ्यर्थियों का मुद्दा भी उठाया। मायावती ने कहा कि सरकार को इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति से जुड़ी समस्या पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बंद सरकारी स्कूलों को फिर सक्रिय करने की मांग
बसपा प्रमुख ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लगातार सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग करती रही है।
मायावती ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 30 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने सरकार से इन स्कूलों को दोबारा बेहतर तरीके से सक्रिय करने की व्यवस्था तत्काल करने की मांग की।
महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
बुजुर्ग महिलाओं को बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा को लेकर भी मायावती ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को इससे कहीं अधिक महिलाओं को हर क्षेत्र में शोषण, अत्याचार और उत्पीड़न से बचाने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई। मायावती ने कहा कि सरकारी घोषणाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।






