ईरान-अमेरिका युद्ध में बढ़ा तनाव, अमेरिकी युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद US ने 5 ईरानी तेल टैंकर किए तबाह

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तेहरान/वाशिंगटन/रियाद/अम्मान, 09 सितंबर । होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर फरवरी के अंत से जारी संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने ईरान से जुड़े पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इसके जवाब में आईआरजीसी ने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया है। इसी बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर भी हमले किए हैं।

अल जजीरा और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी की नौसेना ने कुवैत और बहरीन में तेल टैंकरों के चालक दल को जहाज छोड़ने की चेतावनी दी है। उसने ऐसा नहीं करने पर जहाजों को निशाना बनाने की धमकी भी दी।

अमेरिका ने पांच तेल टैंकरों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार को पुष्टि की कि उसने आईआरजीसी से जुड़े पांच तेल टैंकरों को नष्ट किया है। सेंटकॉम के अनुसार, ये हमले हाल के दिनों में अमेरिकी युद्धपोत पर ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में किए गए।

सेंटकॉम ने बताया कि चार टैंकरों को ओमान की खाड़ी में और पांचवें को ईरान के खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया। खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में ईरान का प्रमुख कच्चा तेल निर्यात टर्मिनल है।

अमेरिकी सेना ने दावा किया कि निशाना बनाए गए जहाज ईरान के कथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा थे। टैंकरों पर हमला करने से पहले उनके चालक दल को जहाज खाली करने का निर्देश दिया गया था।

रुबियो ने ईरान को दी चेतावनी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले की कोशिश के जवाब में वाशिंगटन ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने के प्रयासों का जवाब दिया जाएगा।

जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर हमले का दावा

आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले ठिकाने को निशाना बनाया। ईरान के अनुसार, वहां मौजूद अमेरिकी युद्धपोत बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस थे। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।

जॉर्डन के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता के अनुसार, ईरानी क्षेत्र से देश की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से 18 को जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोककर नष्ट कर दिया। दो मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर गिरीं। प्रवक्ता ने बताया कि हमले में किसी की मौत नहीं हुई।

ईरान ने संप्रभुता की रक्षा का संकल्प दोहराया

ईरान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की मजबूती से रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने मंगलवार को अमेरिका की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि दशकों से जारी प्रतिबंधों के बाद अमेरिका अब इजराइल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध में उतर गया है और इसका परिणाम अमेरिका के लिए खराब रहा है।

जुलाई से 26 और अमेरिकी सैनिक घायल

अमेरिकी सेना ने मंगलवार को बताया कि जुलाई की शुरुआत से अब तक 26 और अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। हालांकि, सेना ने इन सैनिकों के घायल होने की जगह और तारीख का विवरण नहीं दिया।

पेंटागन के कैजुअल्टी डेटाबेस में इन घटनाओं को ‘ओवरसीज ऑपरेशन्स’ की श्रेणी में रखा गया है। डेटाबेस के मुताबिक, सात जुलाई से आठ सितंबर के बीच विदेशों में चलाए जा रहे अभियानों में 403 लोग घायल हुए हैं।

एक अलग सूची में ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत पेंटागन ने फरवरी से जुलाई के बीच 417 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी।

हूती ने सऊदी अरब पर किए हमले

इस बीच मार्को रुबियो ने दक्षिण अमेरिका की यात्रा के दौरान सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हूती ईरान के एजेंट हैं और अमेरिका सऊदी अरब के साथ अपने मजबूत सैन्य संबंधों के कारण घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है।

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और आभा तथा जिजान में सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा किया।

सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए। इसके कुछ घंटों बाद सऊदी अरब ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिमी यमन में हूती के ठिकानों पर हमले किए।

संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने की निंदा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दक्षिणी सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के सीमापार हमलों की निंदा की। उनके प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र दक्षिणी सऊदी अरब में कई स्थानों पर हुए हूती हमलों की निंदा करता है।

यूरोपीय संघ ने भी हूती से हमले तत्काल बंद करने का आग्रह किया। ईयू ने सऊदी अरब में तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने और दर्जनों लोगों के घायल होने की निंदा की।

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