दिल्ली स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई, से जुड़े नेटवर्क का खुलासा; विदेशी मुद्रा और सिम कार्ड बरामद ।
नई दिल्ली : राजधानी में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है। उसे रविवार रात गाजीपुर इलाके से दबोचा गया।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नई दिल्ली रेंज के डीसीपी के नेतृत्व में की गई। टीम में इंस्पेक्टर सुनील और इंस्पेक्टर धीरज महलावत भी शामिल थे।
विदेशी मुद्रा और संदिग्ध सामान बरामद
गिरफ्तार आतंकी के पास से कई देशों की मुद्रा और संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक:
लगभग 2300 यूनिट बांग्लादेशी टका
1400 यूनिट नेपाली मुद्रा
5000 यूनिट पाकिस्तानी मुद्रा
3000 यूनिट भारतीय नकदी
एक नेपाली सिम कार्ड
पहले भी कई बार हो चुका है गिरफ्तार
जांच में सामने आया है कि शब्बीर अहमद लोन का आपराधिक और आतंकी इतिहास लंबा रहा है।
वर्ष 2007 में स्पेशल सेल ने उसे AK-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था
2015 में श्रीनगर के परिमपोरा थाना क्षेत्र में फिर से गिरफ्तारी हुई
जेल से छूटने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया और वहां नया आतंकी मॉड्यूल तैयार किया
ISI के इशारे पर बना नेटवर्क, कोलकाता बना बेस
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बांग्लादेश में रहते हुए लोन की मुलाकात से जुड़े हैंडलरों (कोड नेम: अबू हुजैफा और सुमामा बाबर) से हुई। ये ऑपरेटिव के लिए काम करते हैं।
इन्हीं के निर्देश पर उसने कोलकाता को अपना ऑपरेशनल बेस बनाया और भारत में आतंकी गतिविधियां फिर से शुरू करने की साजिश रची।
देशभर में रेकी, पाकिस्तान भेजे वीडियो
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि:
दिल्ली और कोलकाता समेत कई शहरों में संवेदनशील जगहों की रेकी की गई
मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की योजना थी
रेकी के वीडियो पाकिस्तान भेजे गए
मेट्रो पोस्टर केस के जरिए नेटवर्क की सक्रियता का परीक्षण किया गया
इस मामले में पहले भी आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें सात बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे।
कट्टर आतंकी, फिर से नेटवर्क खड़ा करने की थी तैयारी
स्पेशल सेल के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन एक कट्टर आतंकवादी है, जिसने बांग्लादेश के रास्ते कोलकाता को लॉन्चिंग पैड के रूप में इस्तेमाल किया। वह नए रंगरूटों की भर्ती और नए ठिकानों की पहचान के लिए भारत लौटा था।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।





