आज एकांतवास में जाएंगे भगवान जगन्नाथ, 15 दिनों तक बंद रहेंगे दर्शन; 16 जुलाई को रथयात्रा

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रांची। जगन्नाथपुर, रांची में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को भगवान जगन्नाथ एकांतवास में जाएंगे, जिसके बाद अगले 15 दिनों तक भक्तों को उनके दर्शन नहीं होंगे। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।

एकांतवास के दौरान नहीं होंगे दर्शन

परंपरा के अनुसार, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एकांतवास में रहेंगे। इस अवधि में मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

रथयात्रा की तैयारियां पूरी

मंदिर समिति और प्रशासन ने रथयात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यातायात, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।

जलाभिषेक के लिए ड्रेस कोड लागू

मंदिर समिति ने जलाभिषेक के लिए ड्रेस कोड जारी किया है। पुरुष श्रद्धालुओं को धोती और महिलाओं को साड़ी पहनकर ही जलाभिषेक करने की अनुमति दी जाएगी।

मेले के आयोजन की प्रक्रिया शुरू

रथयात्रा मेले के आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

300 साल पुरानी परंपरा

धुर्वा स्थित बड़का गढ़ में वर्ष 1691 से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा-अर्चना होती आ रही है। इस परंपरा की शुरुआत ऐनी नाथ शाहदेव ने की थी, जिसे आज भी पूरे श्रद्धा और विधि-विधान से निभाया जा रहा है।

पुरी की तर्ज पर होगा आयोजन

इस बार श्रद्धालुओं को पुरी की तर्ज पर बड़का गढ़ में आयोजन देखने का अवसर मिलेगा। मौसी बाड़ी में नए ग्रिल लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन कर सकेंगे।

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