रामगढ़। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के अवसर पर रविवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में संस्कार भोज का आयोजन किया जा रहा है। संताली रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। आयोजकों के अनुसार, पांच लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्य के विभिन्न जिलों के अलावा देश के अन्य हिस्सों से भी विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने की संभावना है।
पांच बड़े पंडालों में भोजन की व्यवस्था
संस्कार भोज के लिए नेमरा में पांच जोन में व्यवस्था की गई है। आम लोगों के लिए तीन बड़े पंडाल बनाए गए हैं, जबकि एक अलग पंडाल विशिष्ट अतिथियों के लिए तैयार किया गया है। भोजन ग्रहण करने के लिए आसपास के मैदानों में भी व्यवस्था की गई है।
लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए 500 से अधिक टोटो, टेंपो और अन्य वाहनों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लुकैयाटांड़ समेत आसपास के चार मैदानों में पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
सुरक्षा के लिए हजारों जवान तैनात
कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। रामगढ़ से गोला और नेमरा तक यातायात व्यवस्था संभालने के लिए हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 100 सुरक्षा पोस्ट बनाए गए हैं, जहां पुलिसकर्मी वाहनों की आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान 14 आईपीएस अधिकारियों, 42 डीएसपी और हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सात स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं। गोला के डीवीसी चौक से नेमरा तक करीब 30 किलोमीटर के क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वीआईपी मेहमानों के लिए तीन हेलीपैड
विशिष्ट अतिथियों के आगमन को ध्यान में रखते हुए तीन हेलीपैड तैयार किए गए हैं। इनमें एक मुख्यमंत्री के आवास के पास और दूसरा नेमरा जाने वाली सड़क के निकट बनाया गया है। गोला चौक से बरलंगा तक मुख्य सड़क पर अस्थायी डिवाइडर लगाए गए हैं। वहीं, बरलंगा से नेमरा तक लगभग सात किलोमीटर के मार्ग पर लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए इंतजाम किए गए हैं।
शनिवार को हुआ दशकर्म, सोमवार को होगा अस्थि विसर्जन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को नेमरा में अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन के दशकर्म की रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूरी की थीं। रविवार को श्राद्धकर्म के अवसर पर संस्कार भोज आयोजित किया जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार, 19 अक्टूबर को रजरप्पा में रूपी सोरेन की अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर नेमरा और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन सतर्क है तथा भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।






