–बिहार विधानसभा में एनडीए के बहुमत के दम पर जीत, विपक्ष पर साधा निशाना
पटना: सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है। ध्वनिमत से उन्होंने सदन का विश्वास हासिल किया। पहले से ही संख्या बल को देखते हुए यह तय माना जा रहा था कि सरकार को विश्वास मत मिल जाएगा।
एनडीए के पास मजबूत बहुमत
सदन में एनडीए के कुल 201 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 122 विधायकों की जरूरत होती है। ऐसे में विश्वास मत आसानी से पारित हो गया। विश्वास मत के दौरान एनडीए के सभी प्रमुख सहयोगी दलों ने एकजुटता दिखाई। सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार के समर्थन में वोट किया और बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया। हालांकि, विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की, लेकिन संख्या बल के अभाव में वह सफल नहीं हो सका।
विपक्ष पर सीएम का हमला
बहस के दौरान सम्राट चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का जिक्र करते हुए कई आरोप लगाए। इस दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि यह पद किसी की “बपौती” नहीं, बल्कि 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद का परिणाम है। सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन की शुरुआत में नीतीश कुमार, नितिन नवीन और अमित शाह समेत एनडीए के सभी नेताओं और विधायकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सभी के विश्वास के कारण ही उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है. सत्ता किसी की बपौती नहीं है।
नीतीश कुमार का किया जिक्र
सीएम ने नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सिद्धांतों के अनुसार विकसित बिहार बनाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ही चाहते थे कि वे मुख्यमंत्री बनें।
‘3C’ पर सख्ती का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “3C”—क्राइम, कम्यूनलिज्म और करप्शन—से कोई समझौता नहीं करेगी। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और किसानों के हितों के लिए काम जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

शपथ के नौ दिन बाद फ्लोर टेस्ट
गौरतलब है कि सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और नौ दिन के भीतर ही सदन में बहुमत साबित कर दिया।
इस तरह एनडीए सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित करते हुए राजनीतिक स्थिरता का संदेश देने की कोशिश की है।
तेजस्वी बोले- सम्राट चौधरी लालू यादव की पाठशाला से निकले
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में शामिल नेता अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आए हैं। उन्होंने कहा कि “सम्राट चौधरी लालू यादव की पाठशाला से निकले हैं, विजय चौधरी कांग्रेस से और बिजेंद्र यादव जनता दल से आए हैं, यानी कोई भी बीजेपी की पाठशाला से नहीं निकला है।”






