रिम्स लैंड स्कैम में आरोपी प्रमोद महतो की जमानत याचिका पर सुनवाई टली, 10 जून मिली अगली तारीख

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रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की अधिग्रहीत भूमि से जुड़े बहुचर्चित फर्जीवाड़ा मामले में आरोपित प्रमोद कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत में सुनवाई हुई।

एसीबी को मिला अतिरिक्त समय

सुनवाई के दौरान एसीबी ने अदालत से केस डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी और अगली तारीख 10 जून निर्धारित की।

पहले हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

उल्लेखनीय है कि इस मामले में एसीबी पहले ही 7 अप्रैल को चार आरोपितों—राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश झा और चेतन कुमार—को गिरफ्तार कर चुकी है।

जांच एजेंसी के अनुसार, इन सभी ने मिलकर रिम्स की अधिग्रहीत सरकारी जमीन को निजी संपत्ति के रूप में दिखाने के लिए फर्जी वंशावली और दस्तावेज तैयार किए थे।

9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा मामला

यह मामला रिम्स की लगभग 9.65 एकड़ अधिग्रहीत भूमि से संबंधित है, जिसे वर्ष 1964-65 में सरकारी उपयोग के लिए अधिग्रहित किया गया था।

आरोप है कि बाद में इस जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इसे निजी जमीन के रूप में प्रस्तुत किया गया।

अवैध निर्माण का भी खुलासा

जांच में सामने आया है कि इस भूमि पर अवैध रूप से अपार्टमेंट, दुकानें और आवासीय मकान तक बना दिए गए थे। मामला अदालत में पहुंचने के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध कब्जों को हटाने का निर्देश दिया था।

इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया।

हाई कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुआ केस

झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर एसीबी ने 5 जनवरी को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से एजेंसी लगातार जांच में जुटी है।

जांच में कई लोगों की भूमिका संदिग्ध

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल अवैध कब्जे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और कई लोगों की मिलीभगत की आशंका भी शामिल है।

अगली सुनवाई पर नजर

अब इस मामले में प्रमोद महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 10 जून को होगी, जहां एसीबी अपना विस्तृत जवाब अदालत में पेश कर सकती है।

निष्कर्ष

रिम्स भूमि फर्जीवाड़ा मामला राज्य के सबसे चर्चित मामलों में से एक बन गया है। इस पर कानूनी और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है और आगामी सुनवाई से मामले में महत्वपूर्ण मोड़ आने की संभावना है।

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