कौन है ‘बड़ा साहब’? राहुल राणा लाइसेंस मामले में खुल सकते हैं कई राज
रांची: कोयलांचल क्षेत्र में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के करीबी सहयोगी राहुल राणा को पिस्टल का लाइसेंस और बॉडीगार्ड दिए जाने के मामले में प्रशासन ने जांच के आदेश जारी किए हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला तब सुर्खियों में आया जब मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि राहुल राणा को हथियार का लाइसेंस असामान्य रूप से तेज प्रक्रिया के तहत जारी किया गया। बताया जा रहा है कि पूरी फाइल एक ही दिन में क्लियर कर दी गई, जिससे लाइसेंस जारी करने की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में कई वरिष्ठ अधिकारी—SP, DIG, IG और IAS स्तर तक—आ सकते हैं। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि लाइसेंस और सुरक्षा मुहैया कराने की प्रक्रिया में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही और क्या नियमों का उल्लंघन हुआ।
इस मामले ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर यह तथ्य चिंताजनक है कि जिस नेटवर्क का सरगना विदेश में छिपा बताया जाता है, उसके सहयोगियों को सरकारी संरक्षण मिलने के आरोप सामने आ रहे हैं।
जांच एजेंसियां अब इस पहलू की भी पड़ताल करेंगी कि क्या सिस्टम के भीतर से किसी प्रकार की मिलीभगत या संरक्षण दिया गया। माना जा रहा है कि जांच के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन इस मामले ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।





