राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं— आज से भगवान जगन्नाथ हुए जमशेदपुर बिहारी, ‘प्रभु जल्दी नहीं आते, करना पड़ता है इंतजार’

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जमशेदपुर। ‘श्री श्री जगन्नाथ मंदिर की जमशेदपुर में स्थापना का यह सही समय है। भगवान जगन्नाथ जल्दी नहीं आते, उनके आने का इंतजार करना पड़ता है। ‘आज से भगवान जगन्नाथ जमशेदपुर बिहारी हो गए हैं।’ यह बातें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कदमा स्थित मरीन ड्राइव में श्री श्री जगन्नाथ मंदिर एवं जगन्नाथ आध्यात्मिक धर्मार्थ केंद्र की आधारशिला रखने के अवसर पर कहीं।

भूमि पूजन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि अब भगवान जगन्नाथ जमशेदपुर में विराजमान होने जा रहे हैं और ‘आज से भगवान जगन्नाथ जमशेदपुर बिहारी हो गए हैं।’राष्ट्रपति ने रांची में स्थापित जगन्नाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मंदिर बनने के बाद भगवान ‘निड़ाचढ़ बिहारी’ कहलाए और अब झारखंड में व्यापक रूप से पूजे जा रहे हैं। जमशेदपुर में मंदिर निर्माण के साथ उनकी कृपा इस शहर पर भी बरसेगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह आध्यात्मिक एवं धर्मार्थ केंद्र न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा,बल्कि समाज सेवा और सांस्कृतिक चेतना का भी महत्वपूर्ण स्थल सिद्ध होगा। इसके पूर्व कदमा मरीन ड्राइव स्थित कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पहुंचते ही पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच भूमि पूजन संपन्न हुआ और मंदिर निर्माण की औपचारिक शुरुआत की।

भगवान जगन्नाथ का आगमन प्रतीक्षा और भक्ति का प्रतीक

अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने भगवान जगन्नाथ की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे सर्वसुलभ और सर्वप्रिय भगवान हैं, जिनकी लोकप्रियता पूरे विश्व में है। उन्होंने रथ यात्रा की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि जब रथ यात्रा निकलती है तो भगवान भक्तों के बीच झूला झूलते, गान और उत्सव के साथ पहुंचते हैं। उनका आगमन प्रतीक्षा और भक्ति का प्रतीक है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और उनकी पत्नी, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक सरयू राय सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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