रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रामगढ़ जिले में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदनशील मामलों में पुलिस अपेक्षित जवाबदेही नहीं निभा रही है, जिससे न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
मरांडी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि रामगढ़ में 11 साल की बच्ची के साथ तीन लोगों द्वारा दुष्कर्म किए जाने के मामले में परिजनों की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के कुछ दिन बाद तीन आरोपितों में से एक को कथित तौर पर करीब 1.25 लाख रुपये लेकर छोड़ दिया गया। उनके अनुसार, आरोपित खुलेआम घूम रहा है, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में समय पर और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की जवाबदेही और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। मरांडी ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों के कामकाज के कारण लोगों का कानून पर विश्वास प्रभावित हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने रामगढ़ एसपी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि आरोपित को किस आधार पर छोड़ा गया और किन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जांच अधिकारी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मरांडी ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पारदर्शी एवं कठोर कार्रवाई ही न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत कर सकती है।






