रांची | 13 अप्रैल
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची वन मंडल में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए राज्यपाल Santosh Gangwar से उच्चस्तरीय जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की है।
राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
बाबूलाल मरांडी ने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें रांची वन मंडल से जुड़े विभिन्न मामलों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की अपील की गई है।
डीएफओ पर गंभीर आरोप
मरांडी ने तत्कालीन प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) Rajeev Lochan Bakshi पर वित्तीय घोटाले, प्रशासनिक कदाचार और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक संरक्षण के चलते मामले दबे हुए हैं।
ऑडिट रिपोर्ट में अनियमितता का जिक्र
ज्ञापन में महालेखाकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि 95 मस्टर रोल्स की जांच में झारखंड कोषागार संहिता के नियम 242-243 का उल्लंघन कर 1.03 करोड़ रुपये का संदिग्ध भुगतान किया गया। इन दस्तावेजों में हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान नहीं थे और व्हाइटनर व इरेजर से छेड़छाड़ के संकेत मिले।
नकद भुगतान और रिकॉर्ड में गड़बड़ी
मरांडी के अनुसार मजदूरों को बैंक खाते के बजाय नकद भुगतान दिखाया गया, जो सरकारी नियमों के विपरीत है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे हजारों मस्टर रोल्स के जरिए करोड़ों रुपये की गड़बड़ी हुई हो सकती है।
अन्य योजनाओं में भी गड़बड़ी का आरोप
उन्होंने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में भी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। दावा किया गया कि प्रस्तावों को जानबूझकर छोटे हिस्सों में बांटा गया, जिससे उच्च स्तर की स्वीकृति से बचा जा सके और सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
सीएएमपीए फंड और खरीद में अनियमितता
मरांडी ने कहा कि सीएएमपीए मद के तहत दी गई 8.53 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि का पूरा हिसाब ऑडिट टीम से छिपाया गया। साथ ही 1.80 करोड़ रुपये की सामग्री खरीद के वाउचर भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
स्वतंत्र जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल से पूरे कार्यकाल की स्वतंत्र एजेंसी से जांच और फॉरेंसिक ऑडिट कराने का आग्रह किया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।






