रांची: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने हूल दिवस के अवसर पर रांची स्थित लोकभवन में हूल क्रांति के महानायक सिदो-कान्हू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने हूल आंदोलन के सभी वीर सेनानियों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।
हूल क्रांति को बताया गौरवशाली अध्याय
राज्यपाल ने कहा कि हूल क्रांति भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक गौरवशाली अध्याय है। सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो सहित हूल आंदोलन के वीर सेनानियों ने अन्याय, शोषण और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ असाधारण साहस का परिचय दिया। उन्होंने अपने अधिकारों, स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया, जो आज भी प्रेरणा देता है।
सामाजिक न्याय और स्वाभिमान का प्रतीक
उन्होंने कहा कि हूल आंदोलन केवल एक विद्रोह नहीं था, बल्कि यह सामाजिक न्याय, आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की चेतना का सशक्त प्रतीक था। इस आंदोलन ने अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आदिवासी समाज की एकजुटता और संघर्ष की भावना को देश के सामने रखा।
युवाओं को दिया संदेश
राज्यपाल ने कहा कि हूल क्रांति के वीर सेनानियों का बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने युवाओं से हूल आंदोलन के इतिहास और उसके मूल्यों को समझने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि सभा में दी गई श्रद्धांजलि
इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सिदो-कान्हू सहित हूल आंदोलन के सभी अमर सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके संघर्ष को नमन किया।






