राजस्थान के भीलवाड़ा में शराब समझकर जहरीला केमिकल पिने से परिवार के चार लोगों की मौत

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भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना क्षेत्र के आलोली गांव में गुरुवार देररात शादी समारोह से काम करके लौटे मजदूरों ने शराब समझकर बर्तन साफ करने वाला जहरीला केमिकल पी लिया। इस घटना में तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। गांव में मातम पसरा है और परिजन सदमे में हैं।

जानकारी के अनुसार, आलोली गांव निवासी रतन पुत्र मसरिया कंजर, उसकी पत्नी सुशीला देवी तथा जमनी देवी और बदामी देवी एक शादी समारोह में बर्तन धोने और साफ-सफाई का काम करने गए थे। शादी वाले घर में बर्तन चमकाने और धोने के लिए विशेष रसायन (केमिकल) मंगवाया गया था। काम खत्म होने के बाद ये सभी मजदूर अपने घर लौटे और उसी दौरान उन्होंने उस केमिकल की बोतलें शराब की बोतल समझकर अपने साथ रख लीं।

घर पहुंचने के बाद सभी ने उस रसायन को शराब समझकर पी लिया। कुछ ही मिनटों में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। पेट में तेज जलन, उल्टियां और बेहोशी के लक्षण दिखाई देने लगे। घबराए परिजनों और पड़ोसियों ने तुरंत उन्हें गंगापुर अस्पताल पहुंचाया। यहां जमनी देवी (60), शंकर कंजर, रतन (42) पुत्र मिश्रीलाल कंजर और उसकी पत्नी सुशीला (40) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो महिलाओं को गंभीर हालत में भीलवाड़ा रेफर किया गया। रास्ते में बदामी (60) पत्नी जानकीलाल की मौत हो गई, जबकि सनू (22) पत्नी पप्पूलाल कंजर की हालत नाजुक बनी हुई है।

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि पोस्टमार्टम में सभी के पेट में जहरीला लिक्विड पाया गया है। प्रारंभिक तौर पर यह शराब या कोई तेज रसायन हो सकता है, लेकिन अंतिम पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद होगी।

भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि जिस बोतल से केमिकल पीया गया था, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह केमिकल भीलवाड़ा की ही एक दुकान से खरीदा गया था। पुलिस अब उस दुकानदार से पूछताछ कर रही है कि यह केमिकल किस उद्देश्य से बेचा गया और उस पर चेतावनी का लेबल क्यों नहीं था। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और रसायन की प्रकृति का परीक्षण किया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और पुलिस अधीक्षक धमेंद्र सिंह यादव मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस जाप्ता और चिकित्सा विभाग की टीम गांव में तैनात की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पूरे गांव में घर-घर जाकर हेल्थ चेकअप कराया जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी अन्य व्यक्ति ने भी उस जहरीले रसायन का सेवन तो नहीं किया है। प्रशासन ने गांव के लोगों को किसी भी संदिग्ध तरल या केमिकल के उपयोग से दूर रहने की अपील की।

कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने कहा कि मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद दी जाएगी। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मौत का कारण रसायन को शराब समझकर पीना है। मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत सहायता दी जाएगी। यदि किसी का पंजीकरण योजना में नहीं है, तो मुख्यमंत्री सहायता कोष से राहत राशि दिलाई जाएगी।

एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से आलोली गांव में कोहराम मचा हुआ है। घरों में चूल्हे नहीं जले और हर आंख नम है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीबी और जागरूकता की कमी के कारण मजदूरों ने यह घातक भूल कर दी, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

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