रांची। मोहर्रम के अवसर पर शनिवार को राजधानी रांची के विभिन्न मोहल्लों से ताजिया और अखाड़ों के जुलूस पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक अंदाज में निकाले गए। सभी जुलूस सेंट्रल कमेटी की अगुवाई में शहर के निर्धारित मार्गों से होकर गुजरे। सबसे पहले धवताल अखाड़ा मेन रोड पहुंचा, जहां अखाड़ा धारियों ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र कौशल का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
मेन रोड पर जगह-जगह स्वागत मंच और भव्य पंडाल बनाए गए थे, जहां विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने अखाड़ों का स्वागत किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों को सम्मानित भी किया गया। श्री महावीर मंडल महानगर, श्री रामलला पूजा समिति और पंजाबी हिंदू बिरादरी की ओर से भी स्वागत मंच लगाए गए थे।
अल्बर्ट एक्का चौक पर एक-एक कर सभी अखाड़े पहुंचे। तासा पार्टी की गूंजती धुनों और पारंपरिक करतबों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। युवाओं ने अपने हैरतअंगेज कौशल का प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। इस वर्ष मोहर्रम जुलूस में महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिली। कई स्थानों पर महिलाओं ने भी पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
आकर्षक झांकियों ने खींचा लोगों का ध्यान
डोरंडा के धवताल अखाड़ा ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को ‘मिसाइल मैन’ के रूप में दर्शाने वाली झांकी, राफेल लड़ाकू विमान की प्रतीकात्मक प्रस्तुति तथा कर्बला की याद में ताजिया और जुल्फिकार तलवार की झांकी प्रस्तुत की। वहीं, पुरानी रांची के अखाड़े ने बैंड-बाजे और पारंपरिक प्रस्तुतियों से लोगों की सराहना हासिल की।

नशा मुक्ति का दिया गया संदेश
कांके स्थित मिठा अखाड़ा के युवाओं ने इस वर्ष सामाजिक जागरूकता को प्राथमिकता देते हुए नशा मुक्ति पर आधारित विशेष झांकी प्रस्तुत की। बैंड-बाजे के साथ निकाली गई इस झांकी में “नशा छोड़ो, जिंदगी जोड़ो” का संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
अखाड़ा के युवाओं ने बताया कि युवा पीढ़ी में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इसके कारण कम उम्र में मौत के मामले बढ़ रहे हैं। साथ ही सड़क दुर्घटनाएं, चोरी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने समाज से नशा मुक्त जीवन अपनाने और युवाओं को इस बुराई से दूर रखने की अपील की।






