पटना। बिहार में मोकामा विधानसभा सीट से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विधानसभा सदस्य के रुप में शपथ ली। इसके बाद आसन के पास जाकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से हाथ मिलाकर अभिवादन किया। शपथ लेने के बाद उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। नीतीश कुमार ने भी मुस्कुराते हुए अनंत सिंह से उनका हालचाल पूछा।
पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को उन्हें शपथ के लिए अनुमति दे दी थी। अनंत सिंह चुनाव के दौरान हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर लिये गए थे, जिसके बाद से वह बेऊर जेल में बंद थे।

पटना सिविल कोर्ट के आदेश के बाद उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें केवल शपथ लेने के लिए ही विधानसभा आने की अनुमति दी गई है। अन्य किसी गतिविधि में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है। शपथ लेने के बाद वे पुनः न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल लौट जाएंगे।
अनंत सिंह को शपथ लेना था जरूरी
मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह को संवैधानिक तौर पर शपथ लेनी जरूरी थी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 188 के तहत, शपथ लिए बिना कोई विधायक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकता। शपथ ग्रहण समारोह खत्म होने के साथ ही अनंत सिंह की विधायक सदस्यता औपचारिक हो गई है।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
बता दें कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में कथित संलिप्तता के आरोप में वे बेऊर जेल में बंद हैं। दुलारचंद की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को उस समय हुई जब यादव मोकामा विधानसभा क्षेत्र में पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे। आरोप है कि सिंह के समर्थकों और यादव के समर्थकों के बीच झड़प हुई। इसमें दुलारचंद यादव की मौत हो गई। फिर पुलिस ने अनंत सिंह को 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया था। अक्टूबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह ने आरजेडी की उम्मीदवार वीना देवी को 28206 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी।





