पुणे। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान बुधवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा पुणे जिले के बारामती में लैंडिंग के दौरान हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अजित पवार चुनावी रैली के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। इस दुर्घटना में अजित पवार समेत विमान में सवार छह लोगों की मौत हो गई। इसकी पुष्टि डीजीसीए ने की है।
लैंडिंग के दौरान कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह विमान मुंबई से बारामती पहुंचा था। जैसे ही प्लेन ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश की, वह रनवे से बाहर निकल गया। एयरपोर्ट सूत्रों का कहना है कि लैंडिंग के समय विमान संतुलन नहीं बना पाया और साइड में फिसलते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया। चश्मदीदों के अनुसार, लैंडिंग के वक्त विमान से असामान्य तेज आवाज आ रही थी और कुछ ही पल बाद जोरदार धमाके के साथ आग लग गई। हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंचीं।
इस दुर्घटना के चौंकाने वाले वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें विमान में आग लगती हुई दिखाई दे रही है। घटना की जानकारी मिलते ही अजित पवार की पत्नी और सांसद सुनेत्रा पवार और उनकी बहन सुप्रिया पवार दिल्ली से पुणे के लिए रवाना हो गई हैं। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सभी बड़े नेता भी पुणे के लिए रवाना हो गए हैं।
कौन-कौन थे विमान में सवार?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार के साथ उनके पर्सनल असिस्टेंट, सुरक्षाकर्मी, पायलट और को-पायलट विमान में मौजूद थे। Learjet 45 मॉडल के इस विमान की कुल क्षमता छह लोगों की थी और सभी सीटें भरी हुई थीं।
पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से संपर्क किया और बारामती प्लेन क्रैश के बारे में जानकारी और अपडेट लिए।

राजनीति की शुरुआत
अजित पवार ने साल 1982 में राजनीति में कदम रखा। जल्द ही वे महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। अपने चाचा शरद पवार के साथ मिलकर उन्होंने पहले कांग्रेस पार्टी और बाद में उससे अलग होकर बनी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया।
उपमुख्यमंत्री के रूप में भूमिका
अजित पवार ने 2010 में पहली बार महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर (उपमुख्यमंत्री) का पद संभाला। इसके बाद जुलाई 2023 से वे फिर से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के पद पर कार्यरत रहे। उनकी यह भूमिका राज्य की राजनीति में उनकी निर्णायक उपस्थिति और अनुभव को दर्शाती है।

किन-किन नेताओं की हो चुकी है मौत?
बलवंतराय मेहता- 1963 से 1965 तक गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 1965 के युद्ध के दौरान मेहता कच्छ के रण में निरीक्षण के लिए उड़ान भर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तान ने उनके विमान को मार गिराया। इस दुर्घटना में मेहता, मेहता की पत्नी, उनके तीन कर्मचारी, एक पत्रकार और दो चालक दल के सदस्यों की मृत्यु हो गई। मेहता पहले बड़े राजनेता थे, जिनकी मृत्यु विमान हादसे में हुई।
संजय गांधी– 23 जून 1980 को कांग्रेस के तत्कालीन सांसद संजय गांधी दिल्ली में विमान उड़ाने के लिए निकले। संजय को विमान उड़ाने का शौक था। संजय जब सुबह 10 बजे विमान लेकर उड़े, तभी एक करतब दिखाते वक्त उनका विमान क्रैश हो गया। संजय के साथ-साथ इस हादसे में उनके सहयात्री सुभाष सक्सेना की भी मौत हो गई।
माधवराव सिंधिया– कांग्रेस के कद्दावर नेता माधवराव सिंधिया का भी निधन विमान हादसे में हुआ था। 30 सितंबर 2001 को सिंधिया कानपुर की एक रैली में भाग लेने जा रहे थे। इसी दौरान इटावा के आउट एरिया में उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सिंधिया की मौत हो गई। सिंधिया उस वक्त 56 साल के थे।
जी।एम।सी। बालयोगी– गंती मोहना चंद्र बालयोगी का निधन लोकसभा अध्यक्ष पद पर रहते हुए हो गया था। दरअसल, बालयोगी की मृत्यु एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हो गई। साल 2002 में आंध्र में एक कार्यक्रम में जाने के दौरान उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हादसे में बालयोगी के सुरक्षा अधिकारी डी। सत्य राजू और पायलट कैप्टन जी।वी। मेनन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
वाई राजशेखर रेड्डी- आंध्र में 2009 में एक और हादसा हुआ। इस बार हादसे का शिकार मुख्यमंत्री वाई राजशेखर रेड्डी हुए। दरअसल, सितंबर 2009 में रेड्डी अपने अधिकारियों के साथ आंध्र के नल्लामाला इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। कई मीडिया में यह भी दावा किया गया कि उनके हेलिकॉप्टर को नक्सलियों ने मार गिराया होगा। हालांकि, सरकार ने इस दावे को उस वक्त खारिज कर दिया था।
विजय रुपाणी- 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान के बाद एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया। इस विमान में विजय रुपाणी भी सवार थे। रुपाणी गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री थे। शाम को जब मृतकों की लिस्ट आई, तो उसमें विजय रुपाणी का भी नाम शामिल था। रुपाणी अपने परिवार के लोगों से मिलने के लिए लंदन जा रहे थे।
डोरजी खांडू– अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू का भी निधन साल 2011 में प्लेन हादसे में ही हो गया था। खांडू उस वक्त 56 साल के थे। खांडू तवांग से राजधानी इटानगर की तरफ जा रहे थे। तभी उनका विमान लापता हो गया।





