धूमल को पर्यटन, अनंत सिंह को प्रदूषण की कमान
पटना: नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से पहले बिहार की राजनीति में एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक कदम उठाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar की मंजूरी के बाद विधानसभा की 19 विभिन्न समितियों का गठन कर दिया गया है। इन समितियों का कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रहेगा।
सबसे खास बात यह रही कि राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से दूर रहे कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह और आरजेडी के फैसल रहमान को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं बाहुबली छवि वाले विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह को पर्यटन उद्योग समिति की कमान सौंपी गई है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्पीकर के पास सबसे ताकतवर समितियों की कमान
विधानसभा की नियम समिति और सामान्य प्रयोजन समिति की अध्यक्षता खुद स्पीकर Prem Kumar करेंगे।
इन समितियों में डिप्टी सीएम Samrat Choudhary, Vijay Kumar Sinha और संसदीय कार्य मंत्री Vijay Kumar Choudhary को सदस्य बनाया गया है।
पुस्तकालय और याचिका समिति
पुस्तकालय समिति की अध्यक्ष ज्योति देवी होंगी, जबकि बीरेंद्र सिंह और शंभूनाथ यादव सदस्य बनाए गए हैं।
याचिका समिति की कमान जनक सिंह को दी गई है, जिसमें रामानंद यादव, सुनील कुमार और रत्नेश सदा शामिल हैं।
विधायी और आश्वासन से जुड़ी समितियां
प्रत्यायुक्त विधान समिति के चेयरमैन मनोहर प्रसाद सिंह बनाए गए हैं।
राजकीय आश्वासन समिति की जिम्मेदारी दामोदर रावत को सौंपी गई है।
प्रश्न, पंचायत और कल्याण समितियां
प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार पांडेय होंगे।
जिला परिषद एवं पंचायती राज समिति की कमान शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को दी गई है।
एससी-एसटी कल्याण समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार निराला बनाए गए हैं।
महिला, आचार और निवेदन समिति
निवेदन समिति के चेयरमैन सिद्धार्थ सौरव होंगे।
महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष अश्वमेध देवी बनाई गई हैं।
आचार समिति की कमान संजीव चौरसिया को सौंपी गई है।
राजनीतिक रूप से अहम समितियां
गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति के चेयरमैन फैसल रहमान बनाए गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति की अध्यक्षता अवधेश सिंह करेंगे, जिसमें अनंत कुमार सिंह सदस्य होंगे।
अल्पसंख्यक कल्याण समिति की कमान अख्तरुल ईमान को दी गई है।
पर्यटन, विरासत और अन्य समितियां
पर्यटन उद्योग समिति के चेयरमैन मनोरंजन सिंह बनाए गए हैं।
शून्यकाल समिति के अध्यक्ष माधव आनंद होंगे।
बिहार विरासत विकास समिति की जिम्मेदारी Renu Devi को दी गई है।
कारा सुधार समिति की चेयरमैन निशा सिंह होंगी।
सियासी संदेश क्या है?
इन समितियों के गठन को सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव में अलग रुख अपनाने वाले विधायकों को भी अहम जिम्मेदारी देकर सत्ता पक्ष ने साफ संकेत दिया है कि वह सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहा है।




