बिहार पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, अभ्यर्थियों को ‘सेटिंग’ से पास कराने वाले गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार

Share

पटना, 14 सितंबर। बिहार पुलिस चालक सिपाही भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों से कथित तौर पर पैसे की उगाही और सेटिंग कराने वाले गिरोह का पटना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अमित कुमार अभी फरार है। पुलिस के अनुसार, सरगना की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गिरोह ने अब तक कितने अभ्यर्थियों को निशाना बनाया और कितनी रकम की कथित उगाही की।

वेटनरी कॉलेज मैदान में सक्रिय था गिरोह

एयरपोर्ट थाना पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर को दोपहर करीब तीन बजे सूचना मिली थी कि वेटनरी कॉलेज मैदान में चालक सिपाही भर्ती के लिए वाहन टेस्ट चल रहा है। इसी दौरान अभ्यर्थियों को कथित तौर पर सेटिंग के जरिए पास कराने वाला गिरोह भी वहां सक्रिय था।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम वेटनरी कॉलेज मैदान पहुंची। वहां एक क्रेटा कार में पांच युवक सवार मिले। पुलिस को देखकर उनके संदिग्ध व्यवहार पर टीम ने उन्हें वाहन से बाहर निकाला और कार की तलाशी ली।

क्रेटा से मिले मैट्रिक-इंटर के मूल प्रमाणपत्र

तलाशी के दौरान पुलिस को क्रेटा कार से अखबार में लपेटकर रखे गए मैट्रिक और इंटर के मूल अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र मिले। ये दस्तावेज गुलशन कुमार के नाम पर थे।

इसके बाद पुलिस ने कार सवार दिनेश कुमार (26), निवासी मानपुर भीमनगर, गया; प्रदीप कुमार (26), निवासी निर्मल बिगहा, औरंगाबाद और कल्याण सिंह यादव (30), निवासी श्रीपुर, जहानाबाद को गिरफ्तार किया।

अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर ‘सेटिंग’ का दावा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दिनेश कुमार ने बताया कि अमित कुमार चालक सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों को पास कराने की कथित ‘सेटिंग’ करता था। इसके लिए अभ्यर्थियों से उनके मैट्रिक और इंटर के मूल प्रमाणपत्र लिए जाते थे।

पुलिस के अनुसार, अभ्यर्थी से कितनी रकम ली जाएगी, यह बाद में तय किया जाना था। इसी क्रम में गुलशन कुमार ने भी अपने मूल प्रमाणपत्र गिरोह के सदस्यों को दिए थे।

वाहन टेस्ट के बाद पैसे के लेन-देन की तैयारी

जांच में पुलिस को पता चला कि गुलशन कुमार ने 10 दिसंबर 2025 को औरंगाबाद में चालक सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा दी थी। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान उसे कथित तौर पर सेटिंग के जरिए परीक्षा में पास कराने की बात तय हुई थी।

9 सितंबर को गुलशन कुमार का वाहन टेस्ट वेटनरी कॉलेज मैदान में हुआ था। पुलिस के अनुसार, वाहन टेस्ट के बाद ही पैसे के लेन-देन के लिए गिरोह के सदस्य वहां एकत्रित हुए थे।

दिनेश की निशानदेही पर दो और गिरफ्तार

दिनेश कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने गुलशन कुमार (23), निवासी रेपुरा, थाना सीतामढ़ी, नवादा और अमित कुमार (32), निवासी हाजीपुर बिलौर, थाना बाढ़, पटना को गिरफ्तार किया।

इस तरह मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना अमित कुमार अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

मोबाइल की जांच में व्हाट्सऐप चैट से मिले सुराग

पुलिस ने दिनेश कुमार और गुलशन कुमार के मोबाइल फोन की जांच की। इस दौरान व्हाट्सऐप चैट सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, चैट में बिहारशरीफ निवासी अमित कुमार को एडमिट कार्ड भेजे जाने से संबंधित साक्ष्य भी मिले हैं।

जांच एजेंसी का दावा है कि गिरोह के सदस्य व्हाट्सऐप के माध्यम से अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे। इसी दौरान उन्हें बहाली कराने का कथित झांसा दिया जाता था और रकम तय की जाती थी।

सरगना की गिरफ्तारी के बाद खुलेगा पूरा नेटवर्क

पटना पुलिस अब फरार मुख्य सरगना अमित कुमार की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह के पूरे नेटवर्क, उसके संपर्क में रहे लोगों, प्रभावित अभ्यर्थियों की संख्या और कथित तौर पर वसूली गई रकम के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और बरामद दस्तावेजों व मोबाइल चैट की जांच के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ रही है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930