पटना, 17 जून। बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को कुल 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पर्यटन, खनन, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में विकास कार्यों को गति देना और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
हेली-टूरिज्म योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में “मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026” शामिल है। योजना के तहत बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों को हवाई सेवाओं से जोड़ने की तैयारी की गई है।
पहले चरण में वाल्मीकि नगर, मां मुंडेश्वरी मंदिर और राजगीर को शामिल किया गया है। पर्यटकों के लिए 6+2 सीटर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे राज्य में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नदियों में बालू उपलब्धता का होगा वैज्ञानिक अध्ययन
राज्य सरकार ने सोन, किऊल, फल्गु, मोरहर और चानन नदियों में बालू की उपलब्धता और पुनर्भरण क्षमता के अध्ययन के लिए 2.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इससे खनन संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने बिहार राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा परिषद से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और नियमन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का रास्ता आसान
उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति से संबंधित नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से राज्य और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अवसर मिलने का मार्ग और सुगम होगा।
वैशाली में विकसित होगा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र
वैशाली में प्रस्तावित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप के संचालन और प्रबंधन के लिए समिति गठन तथा सोसायटी पंजीकरण को मंजूरी दी गई है। सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन और बौद्ध तीर्थ केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है।
युवाओं को नौकरी में मिलेगा फायदा
नागरिक सुरक्षा विभाग में आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा प्रोबेशन अवधि भी दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष कर दी गई है, जिससे युवाओं को जल्द स्थायी नियुक्ति का लाभ मिल सकेगा।
खनन और निवेश को बढ़ावा देने के फैसले
खनन क्षेत्र में ई-नीलामी प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। खनन योजनाओं और पर्यावरणीय स्वीकृतियों के लिए बिहार राज्य खनन निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
इसके साथ ही ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में भूमि लेन-देन और निवेश परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को अतिरिक्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।
गयाजी में बनेगी सीआईएसएफ आरक्षित वाहिनी
कैबिनेट ने गयाजी में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की आरक्षित वाहिनी की स्थापना के लिए 50 एकड़ सरकारी भूमि केंद्र सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है।
न्यायिक और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी
मधुबनी जिले के बेनीपट्टी व्यवहार न्यायालय में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत के लिए एक नए पद के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन और नियुक्तियों से जुड़े कई प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।
विकास और प्रशासनिक सुधार पर सरकार का जोर
कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार पर्यटन, खनन प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, रोजगार सृजन और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से बिहार के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।






