—सभी 38 जिलों में खुलेंगे 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विशेषज्ञ डॉक्टरों समेत प्रत्येक केंद्र में होंगे 47 पद
पटना। बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में बनकर तैयार 135 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के रूप में उत्क्रमित कर दिया है। इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को घर के नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेंगी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं
सरकार के इस फैसले के तहत नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के इलाज के लिए 30 बेड की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता मजबूत की जाएगी, ताकि सामान्य बीमारियों के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में भी मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
इन केंद्रों के पूरी तरह कार्यरत होने से ग्रामीण मरीजों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत कम होगी।
हड्डी, आंख और ईएनटी के विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी तैनाती
राज्य सरकार की ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत सभी 135 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए प्रत्येक केंद्र में हड्डी रोग, नेत्र रोग और नाक-कान-गला (ईएनटी) विशेषज्ञों के पद सृजित किए गए हैं।
इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को इन विशेषज्ञताओं से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
प्रत्येक केंद्र में 47 पद निर्धारित
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक संस्थान में 24 प्रकार के कुल 47 पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें उपाधीक्षक, विशेषज्ञ चिकित्सक, सामान्य चिकित्सक, जीएनएम नर्स, वरिष्ठ फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला तकनीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अन्य पद शामिल हैं।
इसके अलावा, पहले से सृजित डेंटल हाइजीनिस्ट और ड्रेसर के एक-एक पद भी इन केंद्रों में शामिल रहेंगे। इन पदों के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं और अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थित करने का लक्ष्य है।
सभी 38 जिलों के ग्रामीण इलाकों को मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य विभाग की इस योजना का विस्तार बिहार के सभी 38 जिलों में किया गया है। इसके तहत पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, अररिया, औरंगाबाद, बेगूसराय, भोजपुर, गोपालगंज, कटिहार, मधुबनी, समस्तीपुर और वैशाली सहित विभिन्न जिलों के ग्रामीण प्रखंडों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
इन केंद्रों के पूरी तरह चालू होने से जिला अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।






