पटना/तेजपुर, 08 अक्टूबर । बिहार के लोकप्रिय डेयरी ब्रांड ‘सुधा’ ने पूर्वोत्तर भारत में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर ली है। बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) ने असम के तेजपुर (सोनितपुर) में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले नए दूध प्रसंस्करण संयंत्र की शुरुआत की है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने जमुगुड़ीहाट स्थित शांतिपुर में कन्यका डेयरी परिसर में स्थापित इस संयंत्र का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर कॉम्फेड के चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक भी विशेष रूप से मौजूद रहे। नए संयंत्र के शुरू होने से असम में सुधा के उत्पादों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को और गति मिलने की उम्मीद है।
20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्लांट की शुरुआत
तेजपुर में शुरू किए गए नए दूध प्रसंस्करण संयंत्र की क्षमता 20,000 लीटर प्रतिदिन है। इसका उद्देश्य असम के तेजपुर और आसपास के क्षेत्रों में सुधा के उत्पादों की बढ़ती मांग को स्थानीय स्तर पर पूरा करना और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
संयंत्र शुरू होने के साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में सुधा के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे उत्पादों की आपूर्ति में लगने वाला समय कम होगा और क्षेत्रीय बाजार में ब्रांड की पहुंच और मजबूत होगी।
2018 में असम से शुरू हुआ था सुधा का सफर
कॉम्फेड ने नवंबर 2018 में असम के बाजार में सुधा के पैकेट दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों की बिक्री शुरू की थी। शुरुआत में गुवाहाटी के अमीनगांव स्थित एक थर्ड-पार्टी डेयरी संयंत्र के माध्यम से उत्पादों की आपूर्ति की जाती थी।
धीरे-धीरे कॉम्फेड ने असम के अन्य इलाकों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों मेघालय और अरुणाचल प्रदेश तक भी सुधा के उत्पादों का विस्तार किया। अब तेजपुर में अपना प्रसंस्करण संयंत्र शुरू होने से इस विस्तार को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
2,200 खुदरा विक्रेताओं का मजबूत नेटवर्क
वर्तमान में कॉम्फेड की गुवाहाटी इकाई करीब 2,200 खुदरा विक्रेताओं के नेटवर्क के जरिए सुधा के विभिन्न उत्पादों की बिक्री कर रही है। इनमें पैकेट दूध, दही, पनीर, मट्ठा, पेड़ा और मिल्क केक जैसे उत्पाद प्रमुख हैं।
गुवाहाटी इकाई से प्रतिदिन औसतन करीब 50,500 लीटर दूध की बिक्री हो रही है। इससे असम और आसपास के राज्यों में सुधा उत्पादों की बढ़ती मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है।
2025-26 में 121 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार
कॉम्फेड की गुवाहाटी इकाई ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान इकाई ने करीब 121.17 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जबकि इसका शुद्ध लाभ 8.06 करोड़ रुपये रहा।
बढ़ता कारोबार और मजबूत खुदरा नेटवर्क यह संकेत देता है कि पूर्वोत्तर के बाजार में सुधा के उत्पादों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।

एक लाख लीटर क्षमता वाले बड़े प्लांट की तैयारी
तेजपुर में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले संयंत्र की शुरुआत के साथ ही कॉम्फेड ने असम में बड़े निवेश की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। बढ़ती मांग को देखते हुए कॉम्फेड एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना की योजना पर काम कर रहा है।
इस प्रस्तावित यूनिट के लिए असम सरकार से उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। असम इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एआईडीसी) की ओर से संभावित स्थलों की पहचान भी की गई है और कॉम्फेड के अधिकारियों को इन स्थलों का निरीक्षण कराया जा चुका है।
ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियों को मिलेगा लाभ
कॉम्फेड के पूर्वोत्तर विस्तार का असर केवल डेयरी उत्पादों के बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। सुधा की बढ़ती मांग से ग्रामीण स्तर पर दुग्ध सहकारी समितियों के जरिए दूध की खरीद को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
स्थानीय स्तर पर दूध की खरीद बढ़ने से दुग्ध उत्पादकों के लिए बाजार और अधिक स्थिर हो सकता है। इससे पूर्वोत्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मूल्यवर्धित उत्पादों के लिए भी खुलेंगी नई संभावनाएं
सुधा के बढ़ते नेटवर्क से पूर्वोत्तर में आने वाले समय में मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों के लिए भी नए बाजार तैयार हो सकते हैं। दूध, दही और पनीर के अलावा पेड़ा, मिल्क केक तथा अन्य उत्पादों की मांग बढ़ने से कॉम्फेड को उत्पादों की विविधता बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
तेजपुर प्लांट की शुरुआत और प्रस्तावित एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाली यूनिट की योजना को पूर्वोत्तर में सुधा के विस्तार की अगली बड़ी कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। बिहार से शुरू हुआ यह डेयरी ब्रांड अब असम सहित पूर्वोत्तर के बाजार में अपनी पहचान और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।






