नई दिल्ली, 22 सितंबर । फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कराने, दूरसंचार पहचानकर्ताओं के दुरुपयोग और मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर से छेड़छाड़ को लेकर दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने नागरिकों को सतर्क किया है। विभाग ने सोमवार को बताया कि ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
दूरसंचार विभाग ने नागरिकों से अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की नियमित जांच करने और किसी अनधिकृत या संदिग्ध सिम के सक्रिय पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।
पहचान दस्तावेजों का दुरुपयोग कर 25 सिम किए गए सक्रिय
दूरसंचार मंत्रालय के अनुसार, छत्तीसगढ़ में एक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट द्वारा लोगों के पहचान दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनकी जानकारी या सहमति के बिना 25 मोबाइल कनेक्शन सक्रिय किए जाने का मामला सामने आया।
मामले की जांच के बाद संबंधित पीओएस एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों का सत्यापन कराया गया और सत्यापन में असफल पाए गए नंबरों को बंद कर दिया गया।
फर्जी दस्तावेज से सिम लेना भी दंडनीय
विभाग ने बताया कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड लेना, अपने नाम पर जारी सिम किसी अन्य व्यक्ति को देना या किराये पर देना, कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (सीएलआई) से छेड़छाड़ करना और मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर बदलना दंडनीय अपराध है।
विभाग के अनुसार, इन प्रावधानों का उद्देश्य दूरसंचार सेवाओं के दुरुपयोग को रोकना और मोबाइल कनेक्शनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
संचार साथी से जांच सकेंगे अपने नाम के मोबाइल नंबर
डीओटी ने नागरिकों को अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की नियमित जांच करने की सलाह दी है। इसके लिए संचार साथी पोर्टल और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
संचार साथी के माध्यम से नागरिक यह पता लगा सकते हैं कि उनके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं। यदि कोई अनावश्यक या संदिग्ध नंबर दिखाई देता है तो उसे बंद कराने का अनुरोध भी किया जा सकता है।
IMEI नंबर की भी कर सकते हैं जांच
विभाग के मुताबिक, संचार साथी पर मोबाइल हैंडसेट के आईएमईआई नंबर की सत्यता जांचने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके जरिए मोबाइल फोन के ब्रांड, मॉडल और निर्माता से संबंधित जानकारी की पुष्टि की जा सकती है।
डीओटी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल सावधानी से करें और अपने नाम पर सक्रिय मोबाइल कनेक्शनों की समय-समय पर जांच करते रहें। किसी अनधिकृत कनेक्शन या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।






