कोलकाता, 15 जून: पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सोमवार को प्राथमिक शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। उन्हें सुबह 11 बजे सॉल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में तलब किया गया था, लेकिन वे निर्धारित समय से पहले ही पहुंच गए।
बिना अतिरिक्त सुरक्षा के हुई पेशी
इस बार उनकी पेशी के दौरान सीजीओ कॉम्प्लेक्स में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था देखने को नहीं मिली। न तो अतिरिक्त पुलिस बल तैनात था और न ही केंद्रीय बलों की मौजूदगी रही, जबकि पूर्व में उनकी पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाती थी।
सीआईडी के समक्ष भी हो चुकी है पूछताछ
रविवार को अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा हस्ताक्षर जालसाजी मामले में सीआईडी के समक्ष भवानी भवन में करीब साढ़े आठ घंटे तक पूछताछ का सामना किया था। इस दौरान तृणमूल विधायक कुणाल घोष को भी बुलाया गया था और दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।
आगे भी जारी रहेगी पूछताछ
सीआईडी ने अभिषेक को मंगलवार को फिर से तलब किया है। वहीं सॉल्टलेक में दर्ज एक अन्य मामले को लेकर राज्य पुलिस की खुफिया शाखा भी उनसे पूछताछ करना चाहती है।
हाईकोर्ट से आंशिक राहत
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने विधानसभा हस्ताक्षर जालसाजी मामले में उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए दो सप्ताह तक किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगाई है। हालांकि, प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले और अन्य मामलों में उन्हें ऐसी कोई राहत नहीं मिली है।
ऑडियो क्लिप और वित्तीय लेन-देन जांच के दायरे में
प्राथमिक शिक्षक भर्ती मामले की जांच लंबे समय से जारी है। सीबीआई की जांच के दौरान सामने आए एक ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर नौकरी के बदले वसूली गई रकम अभिषेक तक पहुंचने का जिक्र था। इसी आधार पर ‘कालीघाट के काकू’ के नाम से चर्चित सुजय कृष्ण भद्र के आवाज के नमूने की भी जांच की गई थी।
ईडी अब इस ऑडियो से जुड़े सभी पहलुओं के साथ-साथ अभिषेक बनर्जी की कंपनी ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। इस संबंध में उनसे आगे भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
ईडी इससे पहले भी इस मामले में अभिषेक बनर्जी से कई बार पूछताछ कर चुकी है।






