पलामू में रिश्वतखोरी के 12 साल पुराने मामले का फैसला, खाद्यान्न उठाव के बदले रिश्वत लेने वाले पूर्व एमओ को 5 साल की सजा

Share

पलामू, 31 अगस्त। जिला व्यवहार न्यायालय की विशेष एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) अदालत ने विश्रामपुर के पूर्व प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) रमेश चंद्र प्रसाद को रिश्वत लेने के मामले में दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। एसीबी के विशेष न्यायाधीश राज कुमार मिश्र की अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

2014 में दर्ज हुआ था मामला

मामला वर्ष 2014 का है। विश्रामपुर निवासी मोनीर आलम ने तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी रमेश चंद्र प्रसाद के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर निगरानी थाना, रांची में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

खाद्यान्न उठाव की अनुमति के लिए मांगी थी रिश्वत

अभियोजन के अनुसार, रमेश चंद्र प्रसाद विश्रामपुर प्रखंड में एमओ के पद पर तैनात थे। आरोप था कि खाद्यान्न उठाव की अनुमति देने के एवज में उन्होंने अपने वैध पारिश्रमिक के अतिरिक्त प्रति क्विंटल 10 रुपये की दर से रिश्वत की मांग की थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक प्रतिदिन करीब तीन से चार क्विंटल खाद्यान्न का उठाव होता था। इसके एवज में कथित तौर पर तीन से चार हजार रुपये की अवैध राशि मांगी जाती थी।

तीन हजार रुपये लेते रंगेहाथ पकड़े गए

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने आरोपों का सत्यापन कराया और कार्रवाई की योजना बनाई। 17 अक्टूबर 2014 को एसीबी की टीम ने रमेश चंद्र प्रसाद को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते स्वतंत्र साक्षियों की मौजूदगी में रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के बाद उनके दोनों हाथों को सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाया गया। अभियोजन के अनुसार, हाथ धुलने के बाद घोल का रंग गुलाबी हो गया था। इस साक्ष्य के अलावा सुनवाई के दौरान पेश किए गए अन्य साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

करीब 12 साल बाद आया फैसला

करीब 12 वर्ष पुराने इस मामले में अदालत का फैसला आया है। अदालत की ओर से दोषसिद्धि और सजा भ्रष्टाचार के मामलों में सरकारी पद पर रहते हुए रिश्वत लेने के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। फैसला सरकारी तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930