परीक्षा पे चर्चा: पीएम मोदी का गुरु मंत्र; गेमिंग वाले बच्चे को खास सलाह, AI का सही यूज करने के दिए टिप्स

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परीक्षा पे चर्चा के 9वां सीजन में स्टूडेंट्स से बात कर रहे हैं. परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी छात्रों, माता-पिता और शिक्षकों से तनाव, आत्मविश्वास आदि को लेकर बात कर रहे हैं. इस बार देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों से बातचीत की है. उन्होंने गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी और दिल्ली में सात, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आधिकारिक आवास पर बच्चों से बात की है. देखते हैं बच्चों से क्या बात कर रहे हैं पीएम मोदी…

पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स को बताया AI का सही यूज कैसे करें

एआई को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि एआई आपकी ताकत को बढ़ाने वाली होनी चाहिए. एक तो आप किसी की बायोग्राफी से कुछ पॉइंट्स मांगे, लेकिन उससे आपको ज्यादा ज्ञान नहीं मिलना चाहिए. ऐसे में आप उससे बेस्ट बायोग्राफी के बारे में पूछेंगे और उन्हें पढ़ेंगे तो अच्छा रहेगा. ऐसे में एआई का इस्तेमाल खुद के विकास के लिए करना चाहिए.

पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स से कहा- सपना न देखना क्राइम है, सपना जरूर देखना चाहिए

सपना नहीं देखना एक क्राइम है. सपनों को गुनगुनाते कभी काम नहीं आता है और इसलिए जीवन में कर्म को प्रधान रखना चाहिए. मैं जहां हूं, वहां पहले सफल होना जरूरी है. जैसे हमारा सपना एस्ट्रोनॉट बनने का है तो पहले इसके बारे में पढ़ना चाहिए. साथ ही सपनों को पब्लिक नहीं करना चाहिए और लिखकर रखना चाहिए. इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि कई लोग सोचते हैं कि सुविधा होगी तो क्षमता आएगी, लेकिन ऐसा नहीं है. जैसे अब बोर्ड एग्जाम में कमजोर घर के बच्चे भी टॉपर्स बन रहे हैं. कंफर्ट जोन ही जीवन बनाता है, ऐसा नहीं है. जीवन जिंदगी जीने के तरीके से बनता है.

पीएम मोदी ने टाइम मैनेजमेंट को लेकर कहा कि रात को सोने से पहले डायरी में लिखें कि कल क्या करना है और फिर रात में टेली करो कि आज कौन-कौन से काम किए या नहीं. फिर सोचे कि आज टाइम कहां खराब किया और क्यों काम नहीं कर पाए. ऐसे में समय का सही उपयोग करें और टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखें.

गेमिंग एक कौशल है लेकिन इसे मनोरंजन के लिए न खेलें

गेमिंग को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ मजे के लिए गेम खेलना ठीक नहीं है. गेमिंग एक स्किल है, ऐसे में नए गेमिंग पर काम करना चाहिए और नए गेम बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए.

12वीं के साथ कॉम्पिटिशन की तैयारी करनी चाहिए?

इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे में ज्यादा ध्यान 12वीं पर देना चाहिए. अगर आप 12वीं की अच्छे से तैयारी कर लेंगे तो आगे भी फायदा मिलेगा. माता-पिता चाहते हैं कि उम्र से पहले काफी कुछ हो जाए, लेकिन बच्चों को खिलने के लिए वक्त देना चाहिए.
पढ़ते हैं, मगर भूल जाते हैं इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि जैसे आपको हमेशा आज का दिन याद रहेगा. क्योंकि आप इसमें इनवॉल्व हैं. ऐसे में आप खुद से कम होशियार को बताएं और ज्यादा होशियार से बात करें और उनकी राय लें. पीएम मोदी ने बताया कि मार्क्स एक अलग बीमारी बन गई है. टॉपर्स के भी नाम याद नहीं रहते हैं. इसका मतलब है कि इसका कुछ समय के लिए ही है. इसलिए हम अपने मन को नंबर, मार्क्स से जोड़ने के बजाय मेरा जीवन कहां जाए, इसके लिए खुद को कसते रहना चाहिए.

पीएम मोदी ने कहा कि जैसे एक खिलाड़ी को अपने गोल पाने के लिए संपूर्ण शरीर की चिंता करनी होती है. ऐसे ही हमारी जिंदगी परीक्षा के लिए नहीं है जबकि हमारे जीवन को बनाने के लिए शिक्षा एक माध्यम है. ऐसे में परीक्षा खुद को एग्जामिन करने के लिए होती है. गोल परीक्षा के नंबर नहीं है, जबकि जीवन का विकास है. ऐसे में पैटर्न आदि से खुद को सीमित नहीं रखना है, जबकि और चीजों पर ध्यान रखना चाहिए. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आप जिंदगी उत्तम बने, उसके लिए जीवन को तैयार करना है और शिक्षा एक माध्यम है.
स्किल ज्यादा जरूरी है या मार्क्स जरूरी है?

बच्चों के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि हर चीज में संतुलन होना जरूरी है. एक तरफ झुकोगे तो गिर जाओगे. ऐसे में एक तरफ नहीं झुकना चाहिए. स्किल दो तरह की होती है, जिसमें एक लाइफ स्किल या प्रोफेशनल स्किल है. ऐसे में दोनों स्किल पर ध्यान देना चाहिए. स्किल की शुरुआत ज्ञान से ही होती है. इसके साथ लाइफ स्किल का भी ध्यान रखना चाहिए, जिसमें सोने उठने का समय, एक्सरसाइज का ध्यान रखना चाहिए. लाइफ स्किल का भी ध्यान रखना चाहिए. प्रोफेशनल स्किल के साथ ही आपको लाइव स्किल का भी ध्यान रखना चाहिए. इसके साथ ही हर स्किल में भी सुधार करते रहना चाहिए.

पीएम मोदी ने बताया कि जब छात्र टीचरों से पीछे रह जाएं तो क्या करें

जब स्टूडेंट ने पीएम मोदी से पूछा कि कई बार टीचर की स्पीड हमसे ज्यादा होती है और हम पीछे रह जाते हैं. ऐसे में हमें क्या करना चाहिए. ऐसे में पीएम मोदी ने टीचर्स को सलाह दी कि टीचर का प्रयास रहना चाहिए कि उन्हें बच्चों को एक कदम ज्यादा आगे रखना चाहिए. ऐसे में स्टूडेंट को सिर्फ एक कदम ही आगे रहना चाहिए, अगर फासला ज्यादा हो गई तो दिक्कत हो जाएगी. ऐसे में टीचर्स को पहले बता देना चाहिए कि वो अगले सप्ताह में वो क्या पढ़ाने वाले हैं और इससे बच्चे पहले ही तैयारी शुरू कर दें. जब बच्चे पहले से पढ़ लेंगे तो उन्हें उसमें इंट्रेस्ट आने लगेगा.
कैसे रखें पैटर्न?

पीएम मोदी से बच्चों ने जब पूछा कि सभी टीचर्स पढ़ाई का अलग अलग पैटर्न बताते हैं तो क्या करना चाहिए. ऐसे में पीएम मोदी ने कहा. ‘जीवन भर ऐसा ही रहता है और मैं पीएम बना तो कई लोग राय देते हैं. ऐसे ही घर में खाने का पैटर्न भी अलग अलग होता है. सबका पैटर्न अलग होता है. जैसे कुछ लोग को रात में पढ़ना अच्छा लगता है, किसी को सुबह पढ़ना अच्छा लगता है. ऐसे में सबका पैटर्न अलग होता है. आप अपने पैटर्न पर भरोसा रखें और जो भी पैटर्न के लिए सुझाव देते हैं, उस पर ध्यान रखना चाहिए. किसी के कहने पर ना जाएं और अपने अनुभव के हिसाब से फैसला लें. ऐसे ही परीक्षा पे चर्चा में भी अपने पैटर्न में काफी बदलाव किया है.’

पीएम मोदी ने माता-पिता से कहा- स्टूडेंट्स को उनकी अपनी ताकत के हिसाब से आगे बढ़ने देना चाहिए
जो माता-पिता कुछ कॉम्पिटिटिव एग्जाम या दूसरी पढ़ाई समय से पहले पूरी करने को लेकर चिंतित हैं, उन्हें जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें स्टूडेंट्स को उनकी अपनी ताकत के हिसाब से आगे बढ़ने देना चाहिए.

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परीक्षा पे चर्चा 2026 ने पिछले साल के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (3.56 करोड़ पंजीकरण) को पार कर लिया है और चार करोड़ से अधिक ऑनलाइन प्रतिभागी पहले ही रजिस्टर कर चुके हैं. परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 1 दिसंबर, 2025 को Mygov पोर्टल पर शुरू हो गए थे.

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