पटना। बिहार की राजधानी पटना में स्वाइन फ्लू (H1N1) के दो मामलों की पुष्टि हुई है। दोनों मरीजों की जांच रिपोर्ट राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरएमआरआई), पटना सिटी से पॉजिटिव आई है। संक्रमित मरीजों में एक कंकड़बाग और दूसरा अगमकुआं का रहने वाला है।
दोनों मरीजों की उम्र 47 और 52 वर्ष बताई गई है। जानकारी के मुताबिक दोनों पिछले सप्ताह दिल्ली से पटना लौटे थे। पटना आने के एक-दो दिन बाद उन्हें तेज बुखार, खांसी और सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद दोनों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों को H1N1 संक्रमण का संदेह होने पर उनके सैंपल जांच के लिए आरएमआरआई भेजे गए, जहां बुधवार को संक्रमण की पुष्टि हुई।
आरएमआरआई में 20 से अधिक सैंपल की जांच
आरएमआरआई में अलग-अलग अस्पतालों से अब तक 20 से अधिक सैंपल जांच के लिए पहुंच चुके हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. कृष्णा पाण्डेय के मुताबिक दिल्ली और उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के मद्देनजर आरएमआरआई सेंटर को अलर्ट किया गया है। सेंटर में अधिक से अधिक सैंपल की जांच कर समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के साथ लोगों को बीमारी के लक्षण और बचाव के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
डॉक्टरों ने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
क्या हैं स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण?
- तेज बुखार और ठंड लगना
- खांसी, नाक बहना या नाक बंद होना
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- बदन और सिर में दर्द
- सांस लेने में परेशानी या सांस तेज चलना
- सीने में लगातार दर्द या दबाव
- गंभीर स्थिति में खांसी के साथ बलगम में खून आना
- होंठ या हाथ-पैर नीले पड़ना
H1N1 से बचने के लिए क्या करें?
- हाथों को साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं।
- खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
- आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
- घर और कार्यस्थल की नियमित सफाई रखें।
- पर्याप्त पानी पिएं और पौष्टिक भोजन लें।
- लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।
संक्रमित व्यक्ति से तेजी से फैलता है वायरस
न्यू गार्डिनर अस्पताल के डॉ. मनोज कुमार के अनुसार संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से H1N1 वायरस फैल सकता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी में बुखार और खांसी के साथ अत्यधिक कमजोरी, थकान तथा शरीर और सिर में दर्द हो सकता है। इसलिए संक्रमण से बचने के लिए सावधानी जरूरी है।
डॉक्टरों के मुताबिक समय पर बीमारी की पहचान और उपचार होने पर मरीज ठीक हो सकते हैं। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा का पूरा कोर्स लेना जरूरी है और स्वाइन फ्लू की दवा का निर्धारित पांच दिन का कोर्स अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए।






