– पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात कर लिया मार्गदर्शन, गाद निकालने, औद्योगिक गलियारे और रेल कनेक्टिविटी पर दी जानकारी
पटना, 04 नवंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार को बधाई दी और भरोसा दिलाया कि बिहार के विकास और सुशासन के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों तथा देखे गए सपनों को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
नदियों से चार लाख घन मीटर गाद निकालने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के लिए गाद नीति की मांग उठाते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इसके तहत विभिन्न नदियों से लगभग चार लाख घन मीटर गाद निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, गाद निकालने का काम मंत्रालय की ओर से किया जाएगा और निकाली गई गाद का उपयोग भी किया जाएगा। इससे बिहार में बाढ़ की समस्या से राहत मिलने के साथ खेतों की मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे जल प्रबंधन और किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
दीपावली और छठ पर अधिक विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह
सम्राट चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों से मुलाकात कर बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई है। केंद्रीय रेल मंत्री से दीपावली और छठ के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए पिछले वर्ष की तुलना में अधिक विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 10 हजार से अधिक जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं। इस बार इससे भी अधिक ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा अयोध्या और सीतामढ़ी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या और माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी सीधे जुड़ सकेंगी।
बिहार में पांच नए औद्योगिक गलियारे विकसित करने की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि गया में भाव्या योजना के माध्यम से औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। इसी तर्ज पर बिहार में पांच अन्य स्थानों पर भी औद्योगिक गलियारे विकसित करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया गया है। मुजफ्फरपुर और दरभंगा के प्रस्ताव केंद्र को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिलेगी।
उन्होंने बताया कि बिहार में उद्योगों के लिए लगभग 13 हजार एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक एक हजार से अधिक उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। सरकार आगे और निवेशकों तथा उद्यमियों को इस पहल से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
पटना में तैयार हुआ डाटा सेंटर
सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में डाटा सेंटर बनकर तैयार हो गया है। वर्ष 2024 में इसके लिए जमीन उपलब्ध कराई गई थी। पटना में ‘कंट्रोल एस’ के नाम से स्थापित डाटा सेंटर का उद्घाटन उन्होंने स्वयं किया है। इसे राज्य के तकनीकी और औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
औद्योगिक परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंजूरी की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर बिहार में विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारों के लिए जल्द पर्यावरणीय स्वीकृति देने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहमति मांगी गई है, ताकि अन्य राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा सके।
विकसित बिहार बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास, बेहतर आधारभूत संरचना, बाढ़ नियंत्रण, पर्यटन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग से बिहार को विकसित राज्य बनाने का संकल्प पूरा किया जाएगा।






