Dhanbad: कोयलांचल में आतंक का पर्याय बने भगोड़े अपराधी हैदर अली उर्फ प्रिंस खान उर्फ छोटे सरकार के गैंग को धनबाद पुलिस ने बड़ा झटका दिया है। गिरोह के कथित मास्टरमाइंड और प्रिंस के करीबी सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव, पाकिस्तान में शरण
मेजर ने पूछताछ में दावा किया कि प्रिंस खान दुबई से भागकर पाकिस्तान पहुंच गया है और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में है। उसने कथित तौर पर एक पाकिस्तानी महिला की मदद से वहां शरण ली।
दुबई में बनी नन्हे खान हत्याकांड की साजिश
जांच में सामने आया कि धनबाद के चर्चित नन्हे खान हत्याकांड की योजना दुबई में तैयार की गई थी। वहीं, उपेंद्र सिंह हत्याकांड (2023) को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस वारदात में मृतक की पत्नी की संलिप्तता बताई गई है, जिसने अपराधियों के साथ मिलकर हत्या कराई।
तकनीक और फाइनेंस संभालता था ‘मेजर’
गिरफ्तार मेजर गैंग का तकनीकी और वित्तीय दिमाग माना जाता था।
- वर्चुअल नंबर के जरिए रंगदारी कॉल
- हवाला, बिटकॉइन और बैंक ट्रांसफर से पैसे की वसूली
- 100 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल
पुलिस अब इन खातों की जांच में जुटी है।
सफेदपोश और मीडिया कनेक्शन की जांच
पूछताछ में यह भी सामने आया कि कुछ प्रभावशाली लोग और कथित तौर पर कुछ मीडिया कर्मी भी गिरोह की मदद कर रहे थे। पुलिस इस एंगल पर गहराई से जांच कर रही है।
कई बड़े मामलों में संलिप्तता
मेजर ने कई वारदातों में गैंग की भूमिका स्वीकार की:
- नन्हे खान हत्याकांड
- उपेंद्र सिंह हत्याकांड (2023)
- रंजीत सिंह (2018) और लाला खान (2021) पर हमले
- कई प्रतिष्ठानों पर फायरिंग
गैंग में दरार, प्रिंस खान पर संकट
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गैंग के भीतर मतभेद बढ़ चुके हैं।
- मेजर 2025 से अलग गैंग चला रहा था
- प्रिंस खान के करीबी बदलने से विवाद
- पुलिस दबाव के कारण नए शूटर नहीं मिल रहे
मेजर के मुताबिक, प्रिंस खान अब डर और नशे की गिरफ्त में है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
धनबाद पुलिस अब:
- संदिग्ध बैंक खातों
- निवेश की गई संपत्तियों
- और नेटवर्क से जुड़े सफेदपोश लोगों
की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।





