नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 27 मार्च की शाम देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमें पश्चिम एशिया के बदलते हालात और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा की जाएगी।
ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर फोकस
बैठक में खास तौर पर एलपीजी और तेल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। वैश्विक तनाव के बीच देश में ईंधन की उपलब्धता, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
‘टीम इंडिया’ अप्रोच पर जोर
प्रधानमंत्री बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दे सकते हैं। ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत सामूहिक प्रतिक्रिया और समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि किसी भी संकट से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी एजेंडा में
बैठक में विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी वापसी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा संभव है। सरकार संभावित आपात स्थितियों के लिए तैयारियों की समीक्षा करेगी।
चुनावी राज्यों के लिए अलग व्यवस्था
जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव चल रहे हैं, वे आचार संहिता के कारण इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनके मुख्य सचिवों के साथ कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से अलग बैठक की जाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नजर
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता बनी हुई है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। हालांकि भारत को फिलहाल इससे कुछ राहत मिली है, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार देश में ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी करना चाहती है।





