रांची: झारखंड में ट्रेजरी घोटाले और भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोरने स्पष्ट किया है कि घोटाले में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनसे सरकारी राशि की पूरी वसूली की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोषियों की चल-अचल संपत्ति जब्त कर पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा।
गढ़वा में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 30 से 40 करोड़ रुपये के ट्रेजरी घोटाले की जानकारी सामने आई है। इसमें बोकारो और हजारीबाग जिलों के नाम प्रमुख हैं।
सरकार ने राज्य के सभी 24 जिलों की 33 ट्रेजरी की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।
संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली
वित्त मंत्री ने कहा कि दोषियों को सिर्फ जेल भेजना ही पर्याप्त नहीं है। उनकी संपत्तियों की कुर्की-जब्ती कर सरकारी नुकसान की भरपाई की जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि सरकारी धन किसी की निजी संपत्ति नहीं है और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
पेपर लीक पर भी कड़ा रुख
भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर भी मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह सीधे उनके विभाग का विषय नहीं है, फिर भी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने मांग की कि इस मामले में सख्त और पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगे। राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ट्रेजरी घोटाले और पेपर लीक मामलों में अब कड़ी कार्रवाई होगी और दोषियों को हर हाल में कानून के दायरे में लाया जाएगा।






