टैक्स कलेक्शन में उछाल, बिहार का राजस्व 43,324 करोड़ पहुंचा

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कर संग्रह में बिहार चौथे स्थान पर, 9.20% की ग्रोथ दर्ज

-निबंधन में भी रिकॉर्ड, लक्ष्य से अधिक हुआ संग्रह, मार्च में जीएसटी कलेक्शन में 13% की बढ़ोतरी
-गैर-जीएसटी स्रोतों से 11,247 करोड़ की आय


पटना: वाणिज्य कर विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गुरुवार को कहा कि विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में जीएसटी, वैट और अन्य स्रोतों से प्राप्त राजस्व को मिलाकर 43,324 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व संग्रह किया है।
कर भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राजस्व संग्रह की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में 43,324.79 करोड़ रुपये का संग्रह किया है, जो पिछले वर्ष से 4.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। विभाग ने पिछले वर्ष 2024-25 में 41,623.96 प्रतिशत का संग्रह किया था।
सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि 43,324.79 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह में से विभाग ने अकेले वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के मद में 32,801 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में एकत्र किए गए राजस्व से 11.7 प्रतिशत अधिक है। बाद में केंद्र सरकार ने आईजीएसटी बैलेंस में हुई कमी को पूरा करने के लिए 724 करोड़ रुपये की कटौती की। जिससे राज्य का जीएसटी संग्रह घटकर 32,077.22 करोड़ रुपये रह गया। इस कटौती के बावजूद, राज्य में जीएसटी संग्रह में 9.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय जीएसटी वृद्धि 6 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि जीएसटी संग्रह वृद्धि में बिहार देश के चौथे स्थान पर है।
श्री यादव ने बताया कि उपभोक्ता वस्तुओं सहित कई वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब में कमी के बावजूद विभाग ने उच्च सकल संग्रह हासिल किया है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2024-25 की तुलना में सभी नकद संग्रह (एसजीएसटी, सीजीएसटी, आईजीएसटी और उपकर) में 10.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि बिहार की वृद्धि कर्नाटक के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यह अनंतिम आंकड़े हैं क्योंकि पेशा कर के कारण संग्रह में वृद्धि हो सकती है, जिसके आंकड़े थोड़ी देरी से प्रदर्शित होंगे।
उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी और विधानसभा चुनावों के बावजूद रिकॉर्ड राजस्व संग्रह के मामले में विभाग ने सराहनीय काम किया है। अकेले मार्च 2026 में, पिछले वर्ष के मार्च की तुलना में, बिहार में जीएसटी के तहत कुल कर संग्रह में इस वर्ष (2026) मार्च 2025 की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी संग्रह में वृद्धि पांच प्रतिशत रही।
विदित हो कि वाणिज्य कर विभाग चार श्रेणियों में कर वसूलता है। जिसमें जीएसटी, पेट्रोल/डीजल पर वैट, बिजली शुल्क और व्यावसायिक कर शामिल है। मंत्री ने बताया कि विभाग ने गैर-जीएसटी संग्रह के रूप में कुल 11,247.57 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसमें पेट्रोल पर वैट के रूप में 10,037.38 करोड़ रुपये, बिजली शुल्क के रूप में 983.81 करोड़ रुपये और पेशा कर के रूप में 226.38 करोड़ रुपये एकत्र किए गए हैं।

निबंधन में भी बड़ी उपलब्धि
मंत्री श्री यादव ने बताया कि निबंधन से राजस्व संग्रह की दिशा में भी राज्य में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में निबंधन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य 8,250 करोड़ रुपये के विरुद्ध 8,403.46 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है। यह लक्ष्य का 101.86 प्रतिशत है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024–25 में 7,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7,648.88 करोड़ रुपये की प्राप्ति (101.98 प्रतिशत) हुई थी। इस प्रकार, चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण में 754.58 करोड़ रुपये (9.86 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने निबंधन से राजस्व प्राप्त करने वाले टॉप पांच जिलों और कार्यालयों का भी उल्लेख किया। बताया कि अकेले विगत 31 मार्च को 14 हजार 905 दस्तावेज निबंधित किए गए और 107.74 करोड़ राजस्व की प्राप्ति निबंधन विभाग को हुई है।

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